MP विधानसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अस्वीकृत, अध्यक्ष ने चर्चा के लिए 27 तारीख दी थी, नरोत्तम इसके खिलाफ प्रस्ताव ले आए
भोपाल. मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में आज 12वें दिन स्पीकर गिरीश गौतम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस हुई। लंच ब्रेक से पहले स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 27 मार्च की तारीख दी। संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए आपत्ति जताई। सदन दोबारा शुरू होने पर मिश्रा स्पीकर से सहमत नहीं दिखे। कहा- अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास नहीं आ सकता। मैं बीजेपी की ओर से प्रस्ताव कर रहा हूं कि इस अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकृत किया जाए। पूर्व अध्यक्ष सीताशरण शर्मा ने भी कहा कि संकल्प नियमों के विपरीत हो, तो उस पर कोई चर्चा नहीं हो सकती। पहले दिन और अंतिम दिन चर्चा नहीं हो सकती। ऐसे में स्पीकर ने बीजेपी के प्रस्ताव पर पक्ष और विपक्ष के सदस्यों से हां/न कराई। बीजेपी का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया। बजट भी पारित हुआ। कांग्रेस विधायक सदन से वॉकआउट कर गए। इससे पहले भी महू की घटना को लेकर कांग्रेस ने वॉकआउट किया।
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ नहीं आता अविश्वास प्रस्ताव
प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मुद्दा उठाया था। सदन में उन्होंने कहा- कांग्रेस विधायकों ने अविश्वास प्रस्ताव रखा। 14 दिन के अंदर निर्णय किया जाना चाहिए। स्पीकर ने कहा- अविश्वास प्रस्ताव 10.30 बजे के बाद आया। इस समय तक मैं सदन में आ चुका था। मैंने लिख दिया- अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार योग्य नहीं है। फिर भी मैं 27 मार्च को चर्चा के लिए तैयार हूं। स्पीकर के तारीख देने पर संसदीय कार्यकमंत्री नरोत्तम मिश्रा आपत्ति जताते हुए बोले- यह गलत परंपरा पड़ जाएगी। आपने सहृदयता दिखाते हुए चर्चा के लिए समय दिया, लेकिन यह नियम प्रकिया के तहत नहीं है, क्योंकि कभी भी विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं आता है, संकल्प लाया जाता है। पीडब्लूडी मंत्री गोपाल भार्गव ने भी तारीख देने पर आपत्ति जताते हुए कहा- भावना में आकर हम नियमों को ताक पर न रखें। हमारा निवेदन है कि यह गलत नजीर न बने।
आज विधायक कृष्णा गौर सभापति
आज प्रश्नकाल में गोविंदपुरा (भोपाल) से विधायक कृष्णा गौर को सभापति बनाया। महिला दिवस के उपलक्ष्य में स्पीकर गिरीश गौतम ने यह फैसला किया। महिला दिवस पर अवकाश था। सदन की 6 महिला सदस्यों (राजश्री रुद्र प्रताप सिंह, झूमा सोलंकी, हिना कावरे, कल्पना वर्मा, रामबाई, डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ) ने सवाल किए। स्पीकर के इस फैसले पर सज्जन वर्मा बोले- महिलाओं पर अत्याचार में भी प्रदेश नंबर-1 है। महेश्वर से कांग्रेस विधायक विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा- यहां सदन में महिला सम्मान की बात हो रही, दूसरी और बाहर शूद्र, पशु, नारी किया जा रहा है।

