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कार्य में लापरवाही एवं अनियमितता बरतने पर 48 आउटसोर्स बिजली कर्मचारी किए गये ब्लैक लिस्टेड

मध्य क्षेत्र विद्युत कंपनी ने भोपाल, ग्वालियर, गुना एवं शिवपुरी में की कर्रावाई
ग्वालियर – क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कार्य में लापरवाही और अनियमितता बरतने पर कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, ग्वालियर, गुना एवं शिवपुरी में बाह्य स्त्रोत (आउटसोर्स) एजेंसी के माध्यम से कार्यरत 48 आउटसोर्स कार्मिकों को सेवाओं से पृथक करते हुए ब्लैक लिस्ट किया है। कंपनी द्वारा ब्लैक लिस्ट किये गए 48 आउटसोर्स कार्मिक कंपनी कार्य क्षेत्र के किसी भी बिजली कार्यालय में कार्य नहीं कर सकेंगे।
गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल वृत्त में कार्यरत 18 आउटसोर्स कार्मिकों के साथ ही हरदा में 03, शिवपुरी वृत्त के 07 एवं ग्वालियर वृत्त में 06, दतिया वृत्त में 02, तथा गुना वृत्त में कार्यरत 12 आउटसोर्स कार्मिकों को लापरवाही और अनियमितता बरतने के कारण सेवा से पृथक कर ब्लैक लिस्ट किया है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने सचेत किया है कि कार्य में पारदर्शिता, लगन, निष्ठा और उपभोक्ता सेवाओं को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनी में जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और सभी मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे उपभोक्ता सेवाओं और कंपनी की उत्तरोत्तर तरक्की के लिए निरन्तर प्रयास करते रहें।
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कुर्क जमीन का विक्रय पत्र संपादित करना भारी पड़ा, कलेक्टर ने उप पंजीयक भदौरिया को दिया नोटिस

ग्वालियर – तहसीलदार न्यायालय एवं वसूली अधिकारी तहसील मुरार द्वारा विधिवत कुर्क की गई जमीन की रजिस्ट्री करना उप पंजीयक मानवेन्द्र सिंह भदौरिया को भारी पड़ने जा रहा है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया है और उप पंजीयक मानवेन्द्र सिंह भदौरिया को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता, स्वेच्छाचारिता एवं राजस्व न्यायालय की अवमानना के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि 3 दिन के भीतर नोटिस का जवाब प्राप्त न होने पर एक पक्षीय कार्यवाही कर अंतिम निर्णय लिया जायेगा। कलेक्टर ने यह कारण बताओ नोटिस अपर तहसीलदार वृत्त बड़ागांव के प्रतिवेदन के आधार पर जारी किया है।
ग्राम खेरियामोदी के अंतर्गत परिवार एग्रो बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड की विभिन्न सर्वे क्रमांक की जमीन डायवर्सन राशि जमा न होने से तहसीलदार न्यायालय एवं वसूली अधिकारी तहसील मुरार द्वारा कुर्क कर ली गई थी। इसकी प्रविष्टि जमीन के खसरा नं.-12 में भी अंकित है। उप पंजीयक भदौरिया द्वारा खसरे की अनदेखी करते हुए और शासन नियमों, निर्देशों एवं प्रावधानों के विपरीत एक विक्रय पत्र संपादित कर दिया। इस जमीन की बिक्री परिवार एग्रो बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राकेश सिंह नरवरिया एवं बसंत लाल शर्मा द्वारा अतुल कुमार तिवारी निवासी सैनिक कॉलोनी को की गई है। उप पंजीयक द्वारा यह विक्रय पत्र संपादित कर अपने पदीय दायित्वों के प्रति विपरीत आचरण तो किया ही है। साथ ही शासन को वित्तीय हानि भी पहुँचाई है। कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लिया है और उप पंजीयक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिये कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।

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पूर्व मंत्री दीपक जोशी भाजपा में शामिल

भोपाल. पूर्व सीएम कैलाश जोशी के सुपुत्र और पूर्व मंत्री दीपक जोशी फिर से भाजपा में शामिल हो गये हैं। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने बुधनी विधानसभा क्षेत्र के नांदनेर में भाजपा की सदस्यता ले ली है। आपको बता दें विधासभा चुनाव के पहले दीपक जोशी कांग्रेस में शामिल हो गये थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर खातेगांव सीट से चुनाव लड़ा था। जिसमें वह 12542 वोटों से हार गये थे।
8 माह से पहले कांग्रेस में शामिल थे अब भाजपा में वापिसी
8 माह पहले पूर्व मंत्री दीपक जोशी फिर से बीजेपी ज्वॉइंन करने वाले थे। उनका भोपाल के भाजपा कार्यालय आकर घर वापिसी का कार्यक्रम लगभग तय हो गया था। लेकिन अंतिम समय में यह कार्यक्रम टल गया था। दरअसल, उस वक्त दीपक जोशी की बीजेपी में वापिसी को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। दीपक जोशी बोले मैं तो सुबह का भूला हूं शाम को घर लौट रहा हूं।
मार्च में कहा था- कुछ लोगों ने पर्सनल इश्यू बना लिया
8 महीने पहले जब भाजपा में वापसी टली थी तब दैनिक भास्कर से चर्चा में दीपक जोशी ने कहा था- ‘कुछ लोगों ने मेरे मामले को पर्सनल इश्यू बना लिया है। मैं उन लोगों के नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन इतना जरूर कहना चाहता हूं कि मैं कांग्रेस में हूं।
मेरे पास 9 मार्च को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का फोन आया था। उन्होंने 2 नेताओं के नाम लिए थे। कहा था कि आप इनसे माफी मांग लो। मैंने कहा कि पार्टी से माफी मांगनी हो, तो मैं तैयार हूं, लेकिन घर जाकर किसी व्यक्ति विशेष से माफी नहीं मांगूंगा। चूंकि मेरे ऊपर करीबियों की ओर से घरवापसी का दबाव था, इसलिए मैंने सहमति दे दी थी, लेकिन मैंने पहल नहीं की। पहल बीजेपी की ओर से की गई थी।’

 

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डबरा के सराफा के कपड़ा गोदाम में लगी आग, 30 मिनट के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड

ग्वालियर. डबरा के सबसे पॉश इलाके सराफा बाजार में बुधवार को एक कपड़ा गोदाम में आग लग गयी। सूचना मिलने के बाद पहुंची फायर बिग्रेडों ने जब तक आग बुझाई तब गोदाम में रखे कंबल, चादर और अन्य कपड़े जलकर राख हो चुके थे। कपड़ा व्यापारी द्वारा लगभग 8 से 10 लाख रूपये का नुकसान होना बताया जा रहा है। आग बुझाने के लिये नपा ने फायर अनट्रेंड कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरण और अपर्याप्त संसाधनों के भेज दिया जिससे आग बुझाने में काफी मेहनत करनी पड़ी और देरी हुई।
क्या है घटनाक्रम
शहर के सराफा बाजार में पगड़ी, कपड़ा कारोबारी सुरेश, तरुण बोधानी की दुकान है। दुकान के सामने ही स्थित एक गली में दो मंजिला मकान में नीचे की मंजिल पर उनका गोदाम है। वहीं ऊपरी मंजिल पर किराएदार रहते हैं। बुधवार की दोपहर करीब 12:30 बजे नीचे की मंजिल बने कपड़ा गोदाम में अचानक आग लग गई और गोदाम के अंदर से धुंआ निकलने लगा। देखते ही देखते गोदाम में से आग की लपटें और धुंऐ के गुबार निकलने लगे। करीब 30 मिनट बाद मौके पर नगर पालिका की फायर ब्रिगेड पहुंची और आग बुझाना शुरु किया। करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद डबरा के साथ ही ​​​बिलौआ क्षेत्र से पहुंची फायर बिग्रेड ने स्थानीय लोगों की मदद से पानी फैंककर आग पर काबू पाया। लेकिन जब तक गोदाम में रखा कपड़ा पूरी तरह से जल चुका था।
आग की खबर मिलते ही पहुंची फायर ब्रिगेड
आग की सूचना मिलने के 10 मिनट के बाद ही फायर ब्रिगेड पहुंच गयी थी। फायर ब्रिगेड पर नियुक्त सभी कर्मचारी आग बुझाने में पूरी तरह से दक्ष हैं जो वर्षो से आग बुझाने का काम कर रहे है। कुछ कर्मचारियों को ट्रेनिंग के लिये भेजा गया है। उन्हें फायर ब्रिगेड पर नियुक्त किया जायेगा।
प्रदीप भदौरिया, सीएमओ, नगरपालिका, डबरा

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ग्वालियर से भोपाल और दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनें नो रूम, 45 मिनट से लेकर एक घंटे तक लेट है ट्रेनें

ग्वालियर. दीवाली और भाईदूज मना कर अपने काम या घर लौट रहे यात्रियों के चलते ट्रेनों में भीड़ बढ़ गयी है। जहां जनरल कोचों में पैर रखने की तक की जगह नहीं है। वहीं, स्लीपर कोच में भी यात्री खड़े होकर यात्रा कर रहे है। ग्वालियर से दिल्ली और भोपाल जाने वाली ट्रेनों फुल चल रही है। ग्वालियर से निकलने वाली सभी ट्रेनों में यही नजारा है।
ट्रेनों में नहीं मिल रही कंफर्म सीट
गुरूवार को नई दिल्ली की तरफ जाने वाली मंगला एक्सप्रेस, केरला एक्सप्रेस, पंजाब मेल, ताज एक्सप्रेस, इंटरसिटी, हीराकुण्ड एक्सप्रेस, उदयपुर, समता एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के सामान्य कोच में काफी भीड़ रहीं है। लम्बी दूरी की इन ट्रेनों में आरक्षण फुल है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर 1 व 2 पर पैर रखने की जगह नहीं है। रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर और टिकट काउंटर पर सुबह से ही भीड़ लगी हुई है। सीट कन्फर्म कराने के लिए दलाल भी सक्रिय हो गए हैं। लोग कन्फर्म सीट के लिए दलालों को ज्यादा पैसे देने के लिए भी तैयार हैं।
45 मिनट से 1 घंटे तक लेट चल रही ट्रेनें
यात्री मनोज कुमार का कहना है कि वह अपने परिवार के साथ दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन स्टेशन पर काफी भीड़ है। ट्रेनें भी लेट चल रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 45 मिनट से वह स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अभी तक उनकी ट्रेन नहीं आई हैं। वहीं एक अन्य यात्री सारिका ने बताया कि वह पुणे से अपने परिवार के साथ आई है और काशी जा रही है। लेकिन ट्रेनों में भीड़ के चलते सफर करने में परेशानी हो रही है।

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उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में 20 दिसम्बर को होगा जीवाजीराव सिंधिया की प्रतिमा अनावरण

ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित जीवाजीराव सिंधिया की 12 फीट ऊंची प्रतिमा के अनावरण का इंतजार अगले महीने खत्म हो जायेगा। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रतिमा का अनावरण राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से कराने के लिये प्रयासरत थे इसकी चर्चा भी चली कि 21 अक्टूबर को अनावरण किया जायेगा, अनावरण का कार्यक्रम महामहिम समय न मिल पाने की वजह से रद्द हो गया है। दीवाली के मौके पर 3 नवम्बर को केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया देश उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ से मिले थे। अब उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ ने 20 दिसम्बर को आने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसकी खबर मिलते ही विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मूर्ति अनावरण के कार्यक्रमत की अभी से तैयारियां शुरू कर दी है।
जीवाजी विश्वविद्यालय के नामकरण सिंधिया राजघराने के पूर्वज जीवाजीराव सिंधिया के नाम पर सन् 1964 में हुआ था। तब से लेकर अभी तक 60 साल के बाद विश्वविद्यालय में जीवाजी विश्वविद्यालय की प्रतिमा स्थापित की गयी है। इसके प्रयास कई बार हुए। लेकिन हर बार कोई न कोई अड़चन से मूर्ति की स्थापना का निर्णय नहीं हो पाया था। महल से जुड़े राज्यपाल कोटे से कार्य-परिषद् के सदस्य प्रदीप कुमार शर्मा ने जेयू परिसर में जीवाजी विश्वविद्यालय की प्रतिमा स्थापित कराने के काम को प्राथमिकता लेकर अपनी पहली ही कार्य-परिषद् की बैठक में निर्णय करा लिया। इसके बाद उन्होंने मूर्ति निर्माण की टेण्डर प्रक्रिया के टेण्डर कराने से लेकर निर्माण होकर प्रशासनिक भवन सामने स्थापित कराने के काम की देखरेख की। मूर्ति का निर्माण 25 लाख रूपये की लागत से किया गया है। ऐसा बताया गया है कि विश्ववि़द्यालय परिसर में प्रतिमा स्थापित करने की जगह स्वयं केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने ही चिन्हित की थी। अब प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम भी महल की देखरेख में ही होगा। प्रतिमा अनावरण समारोह के मौके पर पूरे सिंधिया परिवार की मौजूदगी रहेगी। इसी के साथ अनावरण कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्रसिंह तोमर, पूर्व मंत्री यशोधराराजे, राजस्थान की पूर्व सीएम वसुधराराजे सिंधिया समेत अंचल के अन्य मंत्री व वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहेंगे।
प्रतिमा अनावरण की तैयारियां शुरू कर दी गयी है
20 दिसम्बर को होने वाले प्रतिमा के समारोह में पूरा सिंधिया राजपरिवार मौजूदगी रहेगी। इसके अलावा हमने राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्रसिंह तोमर, पूर्व सीएम वसुंधराराजे सिंधिया, यशोधराराजे सिंधिया, सांसद भारतसिंह कुशवाह, और मंत्रियों को आमंत्रित किया गया है। अनावरण समारोह की तैयारियां आज से शुरू कर दी गयी है।
प्रदीपकुमार शर्मा, सदस्य कार्य-परिषद, जेयू

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शहर की यातायात हो रही बदहाल, पार्किंग व रोटरी की जरूरत, यातायात सुधारने के लिये होगा सर्वे

ग्वालियर. शहर के बिगड़े यातायात सिस्टम को सुधारने के लिये एक बार फिर ट्रैफिक सर्वे किया जायेगा। इस ट्रैफिक सर्वे के जरिये यह जानकारी एकत्र की जायेगी कि शहर में सड़ेक किन प्वाइंट पर यातायात इंतजाम दम तोड़ रहे है। उन्हें सुधारने के लिये क्या-क्या कदम उठाये जाने हैं। सर्वे में ज्यादातर फोकस इस बात पर रहेगा कि लोगों को ट्रैफिक जाम फ्री गाड़ी चलाने की व्यवस्था मिल सके और साथ ही शहर के अधिक से अधिक इलाकों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जोड़ने पर फोकस किया जायेगा। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में 16 जुलाई को आये प्रस्ताव के बाद कंसल्टेंट नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। कंसल्टेंट कंपनी शहर में सर्वे कर यह रिपोर्ट तैयार करेगी।
कंसल्टेंट कंपनी जल्द होगी नियुक्ति, सुझाव होंगे लागू
सांसद भारतसिंह कुशवाह ने बताया है कि जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सदस्यों की ओर से सुझाव आया था कि ट्रैफिक सर्वे कराकर सही व्यवस्था लागू हो। जिसके सर्वे के लिये निर्देश दिये गये हैं। इस सर्वे के लिये कंसल्टेंट कंपनी नियुक्त किये जाने की प्रक्रिया चल रही है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद उसके सुझावों को प्रभावी ढंग से लागू कराया जायेगा।
सर्वे में इन 3 मुद्दों पर रहेगा फोकस
पब्लिक ट्रांसपोर्ट
अगले कुछ महीने में शहर में ई-सिटी बस शुरू होनी है। केंद्र सरकार से 75 बसों की स्वीकृति पहले चरण में मिल गई है। ये बसें किन क्षेत्रों से और कहां तक चलानी हैं। इसके लिए सर्वे किया जाएगा, ताकि बसों के संचालन में कठिनाई न हो। इसके अलावा शहर और शहर से सटे क्षेत्रों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी कि कहां टेंपो,ई-रिक्शा व अन्य साधन चलाए जाने की व्यवस्था बनानी है।
सड़क
शहर के जिन क्षेत्रों में ट्रैफिक लोड ज्यादा है, उनमें सड़कों की चौड़ाई का अध्ययन कराया जाएगा कि प्रति घंटे गुजरने वाले ट्रै​फिक लोड के अनुसार सड़क चौड़ीकरण की जरुरत है या नहीं। साथ ही हर सड़क पर लेफ्ट टर्न और उसकी चौड़ाई की व्यवस्था का भी सर्वे होगा। इससे व्यस्त सड़कों से एक साइड का ट्रैफिक सिग्नल फ्री छोड़ा जा सके। इससे चौराहा एवं तिराहे के सिग्नल पर ट्रैफिक लोड कम रहेगा।
पार्किंग
शहर की मुख्य सड़क, मुख्य बाजारों के साथ ऐसे क्षेत्र…जिनमें आने वाले समय में व्यवसायिक गतिविधि बढ़ने की संभावना है। उन जगहों पर पार्किंग प्वाइंट के लिए सर्वे होगा। नगर निगम ने हाल ही में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में नगर निगम के अधिकारियों ने बताया था कि 31 पार्किंग शहर में तय की गई है जिनमें से 15 चालू हैं। सर्वे के दौरान सभी प्वाइंट देखे जाएंगे।
2018 का सर्वे…
रोटरी-ट्रैफिक पुलिस के सुझाव अब तक अधूरे
शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में शुमार गोले का मंदिर चौराहे पर बीचों बीच एक छोटी रोटरी बनाए जाने का सुझाव दिया था। ताकि, चारों दिशा से गुजरने वाले वाहन इस रोटरी से घूमकर जाएं और एक्सीडेंट की संभावना कम हो। लेकिन यहां रोटरी नहीं बनाई गई।
शिंदे की छावनी स्थित नौगजा रोड कॉर्नर पर पुरानी पुलिस चौकी के सामने सिग्नल सिस्टम लगाया जाए। साथ ही बेरीकेड्स लगाकर रॉन्ग साइड वाले वाहनों को रोका जाए। यहां से पुलिस चौकी हटा दी और सिग्नल लगाने की जगह डिवाइडर से चौराहे की क्रॉसिंग बंद कर दी गई। जिससे रॉन्ग साइड वाले वाहनों से एक्सीडेंट बढ़ गए हैं।
भीड़ वाले बाजारों में पार्किंग की व्यवस्था करनी थी, लेकिन अब तक बाड़े और सदर बाजार जैसे व्यस्त बाजारों में ही पार्किंग की अच्छी व्यवस्था नहीं हो पाई है।
सवारियां लेने के लिए टेंपो, ऑटो स्टॉपेज पर ही खड़े होने की व्यवस्था होनी थी, लेकिन यह भी लागू नहीं हो सका। इससे आए दिन ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ती है।
ये सुझाव स्मार्ट सिटी ने 2018 में कराए रोड सेफ्टी सर्वे में दिए थे, लेकिन अमल कुछ पर हुआ।)

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फर्जी नम्बर प्लेट से दौड़ा रहा था कार, पुलिस ने दबोचा तो बोला-किश्ते ड्यू हैं रिकवरी वाले परेशान करते हैं बदली नम्बर प्लेट

ग्वालियर. एक ऐसी कार सड़क पर फर्राटे भर रही थी जिसका रजिस्ट्रेशन नम्बर तो कुछ ओर था, लेकिन नम्बर प्लेट पर रजिस्ट्रेश्न नम्बर कुछ ओर लिखा हुआ था। पुलिस चेकिंग में कार और इसका ड्रायवर पकड़ा गया। ड्राइवर का एक साथी भाग निकला। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है।
कार ड्राइवर ने बताया है कि उसकी कार फायनेंस है और कुछ किश्त नहीं भर पाये हैं रिकवरी वाले कार खींचकर न ले जाये, इसलिये नम्बर प्लेट बदलकर कार चला रहा था। वहीं पुलिस को शक है कि जिस तरह से कार सवार का साथी भागा है। इस कार का उपयोग किसी घटना में हुआ है या होने जा रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।
शहर के झांसी रोड थाना के प्रभारी मंगल सिंह पपोला ने बताया कि मंगलवार रात एसआई आशीष शर्मा टीम के साथ रेलवे पुल के पास विक्की फैक्ट्री पर चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच एक कार आते हुए दिखाई दी। रुकने का इशारा करते ही ड्राइवर ने अनदेखा करते हुए कार निकालने का प्रयास किया। पहले से ही अलर्ट पुलिसकर्मियों ने कार के सामने बैरिकेड्स लगा दिए। पुलिस ने दस्तावेज मांगे तो कार सवारों ने दस्तावेज घर पर होना बताया।
रजिस्ट्रेशन नंबर ऑनलाइन सर्च करते ही कार सवार एक हुआ फरार
पुलिस ने जब कार के रजिस्ट्रेशन नंबर को ऑनलाइन सर्च करना शुरू किया, ठीक इसी बीच कार में सवार एक युवक वहां से भाग निकला, जबकि दूसरे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने इंजन नंबर और चेसिस नंबर से सर्च किया तो पता चला कि कार का सही रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी 07 जेडएल-5229 है, जबकि कार पर एमपी 07 जेडएल-0590 लिखा हुआ था।
मामला दर्ज कर शुरू की पूछताछ, वारदात में उपयोग की आशंका
पुलिस ने पकड़े गए युवक से पूछताछ की तो उसने अपना परिचय अभिषेक जाटव पुत्र रामदुलारे जाटव निवासी विवेक कॉलोनी पुलिया के पास बताया। भागने वाले की पहचान प्रिंस कुमार निवासी थाटीपुर के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी का कहना है कि उसकी कार की किस्तें ड्यू हैं और फाइनेंस वाले कार खींचकर न ले जाएं, इसलिए वह रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट बदलकर वाहन चला रहा था। उधर, पुलिस का मानना है कि कार का इस्तेमाल किसी वारदात में होना प्रतीत हो रहा है। किस्त वाली बात है तो एक कार सवार डरकर भागता नहीं।

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सम्पत्तिकर समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने पर 10 कर संग्रहकों का काटा एक दिवस का वेतन

ग्वालियर – नगर निगम आयुक्त अमन वैष्णव द्वारा 10 कर संग्रहकों को संपत्ति कर वसूली की समीक्षा बैठक में बिना सूचना के अनुपस्थित रहने पर एक दिवस का वेतन काटा गया।
बाल भवन सभागार में संपत्ति कर वसूली की समीक्षा बैठक अद्योहस्ताक्षरकर्ता की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक के संबंध में पूर्व में ही सूचना नगर निगम के व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर की गई, जिसमें समस्त शासकीय सेवकों को बैठक में अनिवार्यतः उपस्थित रहने के निर्देश दिये गये थे। समस्त शासकीय सेवकों को आदेशित किया गया कि अद्योहस्ताक्षरकर्ता की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली बैठकों में समस्त शासकीय सेवक अनिवार्यतः निर्धारित समय पर उपस्थित रहेंगे, अन्यथा की स्थिति में 01 दिवस के वेतन काटने की कार्यवाही की जावेगी।
आज आयोजित बैठक में वार्ड 13 के सम्पत्तिकर कर संग्रहक प्रशांत शाक्य, वार्ड 65 के कुलदीप गुर्जर, वार्ड 60 के रघुवीर सिंह गुर्जर, वार्ड 57 के भूपेश श्रीवास, वार्ड 44 के केके राठौर, वार्ड 35 के मनीश शर्मा, वार्ड 19 के इरशाद खान, वार्ड 33 के दीपक शर्मा, वार्ड 52 के सौरभ तोमर, वार्ड 3 के किशन सिंह को आयोजित बैठक में नियत समय पर उपस्थित नहीं होने के कारण इनका एक दिवस का वेतन काटा जाता है। कार्यालय अधीक्षक, सम्पत्ति कर विभाग वेतन काटने की कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

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जितनी वसूली उतना वेतन, संग्रहक अच्छा कार्य करेंगे उन्हें मिलेगा प्रमोशन: निगमायुक्त

ग्वालियर -सम्पत्तिकर की वसूली लक्ष्य के अनुरूप हो तथा आगामी माह में होने वाली लोक अदालत में प्रदेश में सबसे ज्यादा सम्पत्ति कर की वसूली हम करें। इसके लिए अभी से जुट जाएं और जो बडे बकायेदार हैं, उनसे वसूली के लिए संबंधित सहायक सम्पत्तिकर अधिकारी एवं उपायुक्त समन्वय कर वसूली करें और जो भी कर संग्रहक अथवा सहायक सम्पत्तिकर अधिकारी लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं करेगा उसके खिलाफ कडी कार्यवाही की जाएगी तथा जो जितना प्रतिशत वसूली करेगा उसका उतना ही प्रतिशत वेतन निकलेगा। उक्ताशय के निर्देश नगर निगम आयुक्त अमन वैष्णव ने संपत्ति कर वसूली की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को दिए।
बैठक में निगमायुक्त ने कहा कि सभी कर संग्रहक अपने लक्ष्य के अनुरूप वसूली करें इसके लिए प्रतिदिन सुबह 9 बजे ही क्षेत्र में निकल जाएं। लक्ष्य से कम वसूली होने पर संबंधित के खिलाफ कडी कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही जिन वार्डो में जीआईसी सर्वे चल रहा है वहां कर संग्रहक संबंधित कर्मचारियों से समन्वय कर जिन भवनों का क्षेत्रफल अधिक है और सम्पत्तिकर कम आ रहा है। उन्हें तत्काल अंतर राशि का नोटिस जारी करें तथा जो भी कर संग्रहक अच्छा कार्य करेंगे उन्हें प्रमोशन दिया जाएगा और जो कर संग्रहक लापरवाही करेंगे उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
आगामी माह में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। इसके लिए अभी से अधिक से अधिक नोटिस जारी करें तथा नेशनल लोक अदालत में प्रदेश में सर्वाधिक वसूली होनी चाहिए। साथ ही नामांतरण के प्रकरणों का निराकरण कर संग्रहक एवं अन्य संबंधित अधिकारी समय सीमा में करें। कम वसूली करने वाले कर संग्रहकों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। शासकीय संपत्तियों से सेवा प्रभार के बिल लगवाना सभी संबंधित सहायक सम्पत्तिकर अधिकारी सुनिश्चित करें तथा उपायुक्त भी इसकी मॉनिटरिंग करें।
इसके साथ ही मैरिज गार्डन, भंडार ग्रह, हाॅस्पिटल, स्कूल, कॉलेज सहित अन्य सभी बड़े भवन से संपत्ति कर वसूली के लिए संबंधित एपीटीओ लिस्ट तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। इसके साथ ही सभी कर संग्रहक सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों को समय सीमा में अटेंड कर उनका निराकरण करायें।