SBI के तत्कालीन मैनेजर समेत 4 पर ईओडब्ल्यू ने की जांच, एसबीआई लाइफ, म्यूचुअल फंड में निवेश पर 1.68 करोड रूपये की गड़बडी
ग्वालियर. तानसेन नगर इंडस्ट्रियल एस्टेट की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 2 तत्कालीन एसोसियेट मैनेजर समेत 4 कर्मचारियों पर ईओडब्ल्यू भोपाल में एफआईआर दर्ज की गयी है। एसबीआई के रीजनल मैनेजर की ओर से साल 2020 से 2024 के बीच एसबीआई म्यूचुअल फण्ड और एसबीआई लाइफ में निवेश के नाम पर 1 करोड़ 68 लाख 03 हजार रूपये की गड़बड़ी की शिकायत ईओडब्ल्यू भोपाल की गयी थी।
जिसमें 2 तत्कालीन सीनियर एसोसियेट मैनेजर समेत 4 कर्मचारियों पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच के लिये निवेदन किया था। इस आवेदन की जांच के बाद ईओडब्ल्यू भोपाल में बुधवार को एफआईआर दर्ज की गयी है और साथ ही इसकी आगे की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ग्वालियर को दी गयी है। अब ईओडब्ल्यू पूरे मामले की जांच करेगी।
क्या है मामला
EOW भोपाल में कुछ समय पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल मैनेजर (क्षेत्रीय व्यवसाय क्रमांक 01) अरविंद मिश्रा ने शिकायत की थी कि भारतीय स्टेट बैंक शाखा इंडस्ट्रीयल एस्टेट तानसेन नगर के तत्कालीन सीनियर एसोसिएट मैनेजर वीजेन्द्र सिंह बैस, तत्कालीन सीनियर एसोसिएट मैनेजर शरद टंडन, सेवा निवृत कर्मचारी एसबीआई सिक्योरिटीज की कर्मचारी सोनम शेजवार, एसबीआई लाइफ के कर्मचारी तेजन अग्रवाल की एक भ्रष्टाचार में भूमिका संदिग्ध है।उन्होंने शिकायत में बताया था कि, साल 2020 से लेकर साल 2024 तक एसबीआई के बैंक खातों से एसबीआई म्युचुअल फंड एसबीआई लाइफ स्कीम में निवेश के नाम पर 1 करोड़ 68 लाख 3 हजार रुपए का अनाधिकृत लेनदेन अन्य बैंक खातों में किया गया है। यह मामला उस समय पकड़ में आया। जब दस्तावेजों की जांच की गई। जिसमें इन चार साल में एसबीआई की इंडस्ट्रीयल एस्टेट तानसेन नगर ब्रांच के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध नजर आई। जब इनसे संपर्क किया गया तो उचित जवाब नहीं मिला, जिसके बाद मामले की जांच के लिए ईओडब्लयू में शिकायत की गई थी।
यह है संदेह के दायरे में
वर्ष 2020 से लेकर 2024 तक भारतीय स्टेट बैंक शाखा इंडस्ट्रियल एस्टेट तानसेन नगर में वीजेन्द्रसिंह बैस, शरद टण्डन बतौर सीनियर एसोसियेट मैनेजर पदस्थ रहे थे। इनके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारी एसबीआई सिक्योरिटीज सोमन शेजवर, एसबीआई लाइफ के कर्मचारी तेजन अग्रवाल भी इसी समय ऐसे पद पर थे। जो इसक मामले से जुडे थे। इनके नाम को संदिग्ध व गबन करने का आरोप लगाते हुए ईओडब्ल्यू को भेजे गये थे।
ग्वालियर EOW की टीम करेगी जांच
भोपाल आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा प्राथमिक जांच पंजीबद्ध करने के बाद ग्वालियर ईओडब्ल्यू की टीम को जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं। अब ग्वालियर ईओडब्ल्यू की टीम बैंक में इस गड़बड़ी के समय के दस्तावेज निगरानी में लेकर पूरी गड़बड़ी की जांच करेगी।

