MP हाईकोर्ट में 1 जज पर सुनवाई के लिये 14 हजार केस, 2025 में 8 जज सेवानिवृत्त होने वाले, 4 लाख केस लंबित
जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में लगातार बढ़ते मामलों और जजों की कमी का प्रभाव दिनों दिन साफ देखा जा रहा है। वर्तमान में हाईकोर्ट में करीब 4 लाख 62 केस लंबित है। वहीं, न्यायाधीशों के कुल 53 स्वीकृत पदों में से केवल 33 जज ही कार्यरत है। 20 पद अभी भी रिक्त है। ऐसे में न्यायाधीशों पर प्रकरणों के समाधान का भारी दबाव है। इसके अलावा 2025 में चीफ जस्टिस के साथ 8 जस्टिस सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
एक जज पर औसतन 14 केश लंबित
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर समेत तीनों पीठों में कुल 4 लाख 62 हजार से अधिक केश लंबित है। न्यायाधीशों की कमी की वजह से एक जज पर औसतन 14 हजार मामले लंबित है। लंबित मामलों की बढ़ती संख्या का एक मुख्य कारण न्यायाधीशों के खाली पद है। हालांकि एक साल में नये न्यायाधीशों की नियुक्ति की उम्मीद जताई जा रही है।
हाईकोर्ट कॉलेजियम ने वकीलों के कुछ नाम सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को भेजे है। सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृति के बाद से नाम राष्ट्रपति को भेजे जायेंगे। कुछ समय पहले मध्यप्रदेा हाईकोर्ट बार एसोसियेशन की कार्यकारिणी ने केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से मुलाकात कर न्यायाधीशों के खाली पदों को भरने की मांग की थी। वहीं पिदले सालों में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा भेजे गये कुछ नाम अब भी कानून विभाग के पास पेडिंग है।
नबालिग से दुष्कर्म के 4928 प्रकरण लंबित, आरोपी जमानत पर
दुष्कर्म पीडि़त नाबालिग बेटियों को प्रदेश में न्याय की सबसे बड़ी संस्था से भी न्याय के लिये वर्षो से इंतजार करना पड़ रहा है। एमपी में पिछले 24 सालों में पॉक्सों के 4,928 प्रकरण हाईकोर्ट में लंबित है। इन मामलों में कुल 5,243 आरोपी है। इनमें से 2,650 जेल में बन्द है। जबकि 2,593, 49.46 जमानत पर आजाद है।
2025 में सेवानिवृत्त होने वाले जज
एमपी के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ 23 मई 2025, जस्टिस सुनीता यादव 12 जनवरी को सेवानिवृत्त हो चुकी है, जस्टिस पीसी गुप्ता 31 मार्च 2025, जस्टिस डीवी रमना2 जून 2025, जस्टिस यंजय द्विवेदी 30 जून 2025, जस्टिस डीके पॉलीवाल 9 अगस्त 2025, जस्टिस पीएन सिंह 13 अगस्त 2025, जस्टिस एके पॉलीवाल 25 दिसम्बर 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले है।

