ग्राम मेहरा में 1 करोड़ 56 लाख रूपये की सरकारी भूमि से बेघर हुए 12 परिवार, शीला ने बेचे थे प्लाट, प्रशासन को हाईकोर्ट में 4 नवंबर को पेश करना है कंपलाइंस रिपोर्ट
ग्वालियर. सिटीसेंटर स्थित तहसील ग्राम मेहरा में शासकीय सर्वे नम्बर 576 पर बने लगभग 12 परिवारों को मौके से हटा दिया गया है। मौके पर रावत परिवार द्वारा बताया गया है कि हमने यह जमीन लगीाग 12 साल पहले महलगांव निवासी शीला जाटव से 3 लाख रूपये में खरीदी थी। जिला प्रशासन ने हमें दीपावली से पहले बिना समय दिये ही उजाड़ दिया बताओं अब हम ऐसे में कहा जाये। ग्वालियर की हुरावली मार्ग पर सरकारी जमीन पर बने मकान पर पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन का बुलडोजर चला, अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों से मुंहवाद भी हुआ है।
कार्यवाही के दौरान मौके पर झांसी रोड एसडीएम विनोद सिंह, सीएसपी हिना खान, नायब तहसीलदार महेन्द्र यादव, आरआई होतम सिंह यादव, मिथलेश शर्मा,पटवारी करनसिंह तोमर, केके वर्मा, रीना शर्मा, प्रियंका पांडे, ज्योति साहू,योगेश शर्मा, राहुल और धर्मेन्द्र शर्मा टीआई प्रीती भार्गव मदालखत अधिकारी शैलेन्द्र सिंह चौहान, भवन अधिकारी राकेश कश्यप् और क्षेत्राधिकारी तनूजा वर्मा आदि पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद भी रहा।
शीला जाटव ने बेची सरकारी जमीन
प्रशासनिक कार्यवाही के दौरान हटाये जा रहे अतिक्रमण के वक्त शीला जाटव वहां से निकल गयी। मौके पर निवास कर रहे रावत परिवार के सदस्यों ने बताया कि 12 साल पहले शीला जाटव नाम की महिला से 3 लाख रूपये देकर खरीदे थे। अब प्रशासनिक अधिकारी शीला जाटव पर कार्यवाही के लिये शिकायत का इंतजार कर रहे है।
हाईकोर्ट में 4 नवम्बर को कम्पलाइंस रिपोर्ट पेश करना है
हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में पीआईएल दायर की गयी है ग्राम मेहरा शासकीय भूमि सर्वे नम्बर 576 में बंटी जाटव बनाम मप्र शासन के संबंध में 23 सितम्बर को हाईकोर्ट ने आदेश दिया था शीला जाटव पत्नी लक्ष्मण जाटव सहित 23 लोगों का अतिक्रमण हटाकर 4 नवम्बर को कंपलाइंस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिये के लिये नियत की गयी है। इस जमीन की कीमत 1 करोड़ 56 लाख रूपये आंकी गयी है।

