आधी रात को 3 भाई-बहन का किया गया अंतिम संस्कार, सिंध नदी में मिले शव

ग्वालियर. सिंध नदी में 3 बच्चों के साथ आत्महत्या करने वाली महिला की लाश मिल गयी है। शव पवाया घाट से आगे झाडि़यों में फंसा था। एसडीआरएफ टीम ने रविवार की दोपहर लगभग 1 बजे शव को नदी से बाहर निकाला। शनिवार की शाम महिला की 2 बेटियां और एक बेटे का शव नदी में मिला था। देर रात को तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।
कल्याणी गांव की रहने वाली ममता 47, अपनी बेटी अंशु उर्फ भावना 21, भूमि उर्फ भूमिका 17, और बेटे किट्टू जाटव 14 वर्ष के साथ 15 अक्टूबर से लापता थी। 16 अक्टूबर को सिंध नदी किनारे धूमेश्वर धाम पर एक बैग मिला था। बैग में आत्महत्या का नोट था।जिसमें आये दिन प्रति राजेन्द्र जाटव की मारपीट और प्रताड़ना से तंग आकर सामूहिक खुदकुशी की बात लिखी थी।
बच्चों के शव का अंतिम संस्कार ग्वालियर के मुरार स्थित मुक्तिधाम में किया गया, यहां बच्चों के नाना रहते हैं। ममता हरसाल पति के लिये करवा चौथ का ब्रत रखती थी। पुलिस ने राजेन्द्रजाटव को हिरासत में ले लिया है।
मायके जाने का कहकर निकली थी बच्चों के साथ
जानकारी के अनुसार 15 अक्टूबर को ममता तीनों बच्चों के साथ घर से ग्वालियर अपने मायके के लिए निकली थी। उसे करवा चौथ की खरीदारी करना था। वह न तो ग्वालियर पहुंची और न ही ससुराल लौटी। परिजन मां और बच्चों को तलाश कर रहे थे। डबरा के आंतरी थाना में सभी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
6 अक्टूबर को भितरवार पुलिस को धूमेश्वर क्षेत्र में लावारिस बैग मिला। उसमें सुसाइड नोट मिला। पुलिस हरकत में आई और एसडीआरएफ टीम के साथ नदी में सर्चिंग शुरू की। शनिवार दोपहर को दोनों बेटी अंशु और भूमि के शव मिले। स्पॉट से चार किलोमीटर दूर पवाया गांव के नजदीक सिंध नदी में ममता के बेटे किट्टू का शव मिला।

