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बदमाश की दिलेरी ही बना पुलिस का बड़ा क्लू, घटना के समय गोली मारने के आदी, अरूण चौहान नहीं तोड़ 5 किमी को घेरा

ग्वालियर. सोमवार की रात सराफा व्यापारी की गोली मारकर 10 लाख रूपये की गहने की लुट का पर्दाफाश करने में पुलिस अधिकसमय नहीं लगा हैं ग्वालियर में पहली ऐसा हुआ है कि घटनास्थल पर आईजी, डीआईजी और एसपी 10 मिनट के पहुंच गये। त्यौहार का सीजन लगभग शुरू हो चुका है। ऐसे में यह दहशत भरी लूट का पर्दाफाश पुलिस ने जल्द नहीं करती तो व्यापारियों में आक्रोश बढ़ सकता था। मोटर साईकिल सवार बदमाशों ने लूट करने के साथ ही पुलिस को बड़ा क्लू दे दिया था।
आमतौर पर यह देखने में आया कि बदमाश विरोध करने पर ही गोली चलाते हैं। लेकिन कुछ बदमाश सिर्फ दहशत फैलाने के लिये जाने जाते है। मुरैना अम्बाह निवासी बदमाश अरूण चौहान ने सराफा कारोबारी पर गोली चलाकर पुलिस के लिये बड़ा क्लू छोड़ दिया था। वर्ष 2019 में इंदरगंढ दतिया में इसी तरह की लूट हुई थी। दूसरा क्लू खुले चेहरे से लूट करना था। इसके बाद पुलिस ने ऐसी घेराबंदी की है कि तनों बदमाश महाराजपुरा के 5 किमी के घेरे में ही फंसा दिया। नतीजा वह बाहर निकले और शॉर्ट एनकाउंटर में पकड़े गये।
बेखौफ अंदाज ने पकड़वा दिया, तीन गैंग में से एक थी बाहर
वारदात के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि IG ग्वालियर रेंज अरविंद सक्सेना, DIG ग्वालियर रेंज अमित सांघी, SP ग्वालियर राकेश कुमार सगर सिर्फ 10 मिनट में ही स्पॉट पर पहुंच गए। तत्काल घटना का एनालिसिस शुरू हो गया। CCTV कैमरे के फुटेज में बदमाश व्यापारी चाहत सोनी के बिना विरोध करने के बाद भी उसे गोली मार देते है। खुले चेहरों से लूट का यह बेखौफ अंदाज ही उनके खिलाफ चला गया।
पुलिस ने तत्काल अपने ऑनलाइन रिकॉर्ड खंगाला तो पता लगा कि ऐसा बेखौफ अंदाज तीन गैंग करते हैं। तीनों ही मुरैना के बदमाशों की गैंग है। इनमें से दो गैंग अभी जेल में हैं। सिर्फ मुरैना निवासी अरुण चौहान ही बाहर है। अरुण का ग्वालियर के महाराजपुरा थाना में ही अच्छा खासा रिकॉर्ड है। यही कारण पुलिस ने तत्काल गैंग को चिन्हित कर घेराबंदी कर दी।

 

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