दतिया में नया एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार का कार्य भी शीघ्र होगा – डॉ. नरोत्तम मिश्र
कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे नए-नए प्रयोगों को अपनाकर किसान करें खेती – केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर
ग्वालियर केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्रसिंह तोमर ने कहा है कि प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान गाँव, गरीब और किसानों की प्रगति के लिये न केवल प्रयत्नशील हैं बल्कि लालायित भी हैं। मध्यप्रदेश ने कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त की है। केन्द्रीय मंत्री गुरूवार को दतिया जिले में रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के दतिया परिसर में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, मास्त्यिकी महाविद्यालय तथा पहुँज नदी एवं बेतवा नदी के नाम से निर्मित छात्रावासों के लोकार्पण अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही। कार्यक्रम में प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र व क्षेत्रीय सांसद संध्या राय भी अतिथि के रूप में शामिल हुए।
350 करोड़ रूपए की लागत से विकसित इन संस्थाओं से बुन्देलखंड क्षेत्र के किसानों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि एक समय बुन्देलखंड के लोग गर्मी के दौरान पलायन करते थे। लेकिन आज के परिवेश में बुन्देलखंड ने कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। कृषि के नए-नए अनुसंधानों को अपनाकर बुन्देलखंड अब निरंतर प्रगति की ओर बढ़ रहा है। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय एवं मात्स्यिकी महाविद्यालय की स्थापना से बुन्देलखंड के विकास के द्वार भी खुलेंगे। यहाँ के किसानों को आधुनिक खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन के संबंध में भी नए अवसर उपलब्ध होंगे।
प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा कि कोरोना काल में वर्चुअली रूप से केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय तथा मास्त्यिकी महाविद्यालय का भूमिपूजन किया था। यह प्रसन्नता की बात है कि इतने कम समय में इन महाविद्यालयों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और केन्द्रीय कृषि मंत्री स्वयं आज इसका लोकार्पण कर रहे हैं। लगभग 350 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित इन संस्थाओं के बन जाने से सम्पूर्ण बुन्देलखंड के किसानो को इसका लाभ मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। दतिया जिले की दो पहाडियों के आस-पास पहले अपराध होते थे। अब दोनों पहाड़ियों में से एक पर मेडीकल कॉलेज और दूसरे पर पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय का निर्माण हुआ है। यह दोनों काम जंगल में मंगल की तरह दतिया के लिये साबित हुए हैं। उन्होंने केन्द्रीय कृषि मंत्री से आग्रह किया कि दतिया के किसानों को ड्रोन से छिड़काव की सुविधा भी अगर उपलब्ध होती है तो किसानों के लिये बहुत ही लाभकारी रहेगा।
कार्यक्रम के प्रारंभ में रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि महाविद्यालय झाँसी के कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह ने पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय एवं मात्स्यिकी महाविद्यालय के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर सचिव कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग एवं निर्देशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नईदिल्ली डॉ. हिमांशु पाठक ने संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाली शैक्षणिक एवं व्यवसायिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

