विधानसभा चुनाव की तैयारी, कांग्रेस की नई टीम बनेगी
भोपाल. विधानसभा चुनाव के पहले कमलनाथ अपनी कार्यकारिणी में बड़ा फेरबदल करने जा रहे हैं। जनवरी में नई टीम अपना कामकाज संभाल लेगी। मौजूदा कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव समेत अन्य पदाधिकारियों की संख्या 150 से ऊपर है। इनमें से आधे नई टीम में बाहर हो जाएंगे। अधिकांश को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई थी, लेकिन बुरहानपुर और खंडवा में मिसमैनेजमेंट की शिकायतें पीसीसी को मिली हैं। नाथ नई कार्यकारिणी में अनुभवी लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपना चाहते हैं। क्याेंकि 2018 में उनका इस तरह का प्रयोग सफल हो चुका है। चुनाव लड़ने वाले लोग संगठन की जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाएंगे।
विधानसभा चुनाव के लिहाज से तैयार की जा रही नई टीम
नई टीम में 40-45 पदाधिकारियाें के हाथों में चुनावी कमान होगी। अधिकांश संगठन से जुड़े अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिसमें अपवाद स्वरूप विधायक का चुनाव लड़ने वाले भी हो सकते हैं। वर्तमान कार्यकारिणी में 2020 में हुए उपचुनाव तक नेताओं के नाम जुड़ते रहे जिससे उसका स्वरूप जंबो हो गया और संगठन की स्थिति भी मजबूत नहीं है।
कार्यकारी अध्यक्ष बदलेंगे
डाॅ. गोविंद सिंह नेता प्रतिपक्ष और पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी हैं। उन्हें उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी से मुक्त किया जा सकता है। जीतू पटवारी, बाला बच्चन, रामनिवास रावत और सुरेंद्र चौधरी कार्यकारी अध्यक्ष हैं। इनकी भी भूमिकाएं बदल सकती हैं। क्योंकि पटवारी, बच्चन और रावत तीनों विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। हालांकि अंतिम फैसला एआईसीसी लेगी।
महामंत्री हटेंगे
पांच से छह विधायकों की महामंत्री पद से छुट्टी हो सकती है। हर्ष यादव सागर जिले की देवरी विधानसभा से विधायक हैं और महामंत्री भी हैं। सचिन यादव खरगोन जिले की कसरावद विधानसभा से विधायक हैं। सिद्धार्थ कुशवाहा सतना से विधायक हैं। सुखदेव पांसे मुलताई, प्रियव्रत सिंह खिलचीपुर से विधायक हैं, जिन्हें महामंत्री पद की भूमिका से मुक्त किया जाएगा और क्षेत्र में जाकर चुनावी तैयारी करने को कहा जाएगा।

