फूलबाग से दुर्ग तक बनेंगे 10 पिलर, साइल टेस्टिंग के लिए खोदे गड्ढे
ग्वालियर. शहर में चार दशक से प्रस्तावित रोप-वे प्रोजेक्ट के लिए नेशनल हाईवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी (एनएचएलएम) की सलाहकार फर्म ने ग्वालियर में डेरा डाल लिया है। ये फर्म रोप-वे के टेंडर बुलाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर काम कर रही है। रोप-वे प्रोजेक्ट के लिए फूलबाग के लोअर टर्मिनल से दुर्ग स्थित अपर टर्मिनल के बीच 40 से 50 मीटर ऊंचे खंबे खड़े किए जाने हैं, लेकिन उससे पहले सायल टेस्टिंग (मृदा परीक्षण) किया जाना जरूरी है। इसके लिए टीम ने ग्वालियर दुर्ग पर गुरुद्वारा के पास अपर टर्मिनल की साइट पर मशीन के माध्यम से साइल टेस्टिंग के लिए खुदाई शुरू कर दी है। हालांकि अपर टर्मिनल पर साइट को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई है। एक स्थान पर दो फीट का गड्ढा खोदा गया था, लेकिन फिर यहां काम रुकवा दिया गया।
एनएचएलएम ने रोप-वे की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी नागपुर की केएंडजे प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी है। इस कंपनी ने उन स्थानों को चिह्नित कर लिया है, जहां 10 रोप-वे के लिए पिलर खोदे जाने हैं। इसमें लोअर टर्मिनल पर फूलबाग मैदान में साइल टेस्टिंग के लिए एक गड्ढा खोद दिया गया है। वहीं अपर टर्मिनल पर भी प्लेटफार्म तैयार करने के लिए गड्ढा खोदने का काम शुरू कराया गया है। बाकी हिस्से में फूलबाग चौराहे के नजदीक, गोपाचल पर्वत के पास, सेवा नगर में भी साइल टेस्टिंग की जानी है, लेकिन यहां निजी संपत्तियां होने के कारण अभी काम शुरू नहीं कराया गया है। इस संबंध में अब कंपनी ने जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे इस प्रोजेक्ट के लिए साइल टेस्टिंग कराने में सहयोग करें, ताकि सैंपल को जांच के लिए दिल्ली स्थित एनएचएलएम की लैब में भेजा जा सके। इसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराकर जल्द से जल्द टेंडर आमंत्रित किए जा सकें।
ये सर्वे भी करेगी कंपनी
कंपनी को साइल टेस्टिंग सहित इंजीनियरिंग से संबंधित सर्वे करना है। इसके अलावा लोअर टर्मिनल के आसपास घूमने आने वाले सैलानियों के साथ ही अपर टर्मिनल पर सैलानियों की संख्या की जानकारी भी एकत्रित करनी है। इसके अलावा यह भी देखना है कि लोअर व अपर टर्मिनल पर विद्युत आपूर्ति की क्या व्यवस्था है। इसका कारण यह है कि दोनों ही टर्मिनल पर रोव-वे के संचालन के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति की आवश्यकता होगी। इसके लिए नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया के परियोजना निदेशक ग्वालियर राजेश चंद्र गुप्ता ने भी गत 25 नवंबर को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राज्य पुरातत्व संग्रहालय के अधिकारियों को पत्र लिखा है।
ये है परियोजना
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ग्वालियर में एनएचएलएम के माध्यम से रोप-वे तैयार करने की घोषणा सितंबर माह में की थी। इसके बाद गत अक्टूबर माह में एनएचएलएम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश गौड़ व कार्यपालन यंत्री गौरांग गर्ग सहित अन्य अधिकारी ग्वालियर आए थे। उन्होंने रोप-वे तैयार करने पर सैद्धांतिक सहमति दी थी। इस प्रोजेक्ट की शुरूआती लागत 150 करोड़ रुपए बताई गई है और रोप-वे की कुल लंबाई 1.88 किमी रहेगी। रोप-वे निर्माण के लिए जमीनी और ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है। अब साइल टेस्टिंग का काम शुरू कराया गया है।

