ग्वालियर में बारिश और अमृत प्रोजेक्ट से 40 किमी लंबी सड़कें खराब
वर्षाकाल और अमृत प्रोजेक्ट के दौरान 40 किलोमीटर की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नगर निगम के अधीक्षण यंत्री ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से सड़कों और पुल-पुलिया की मरम्मत के लिए 28.67 करोड़ की राशि मांगी है। उन्होंने इसके लिए एक पत्र प्रमुख अभियंता को भेज दिया है। वहां से राशि आने के बाद 27 सड़कों की मरम्मत का काम किया जाएगा। अमृत प्रोजेक्ट-1 में सीवर और पानी की लाइन डालने के लिए सड़कों की खुदाई की थी। अभी-भी कई सड़कें कपंनी ने ठीक नहीं कीं। अब यह जिम्मा नगर निगम के ऊपर आ गया है। निगम के पास पैसा नहीं होने से शासन से मांग की गई है।
शहर की ये प्रमुख सड़कें हुईं खराब
कस्तूरबा चौराहे से आईजी ऑफिस रोड- यहां पूर्व मंत्री के सामने बारिश की वजह से सड़क में कई गड्ढे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने शिकायत की, लेकिन गड्ढे नहीं भरे गए।
बारादरी चौराहे से सात नंबर चौराहा: यहां की सड़क में कई जगह गड्ढे हो चुके हैं। यहां रहने वालों का कहना है कि यदि थोड़ी और बारिश हुई, तो सड़क ज्यादा खराब हो जाएगी।
भैंस मंडी मार्ग: रामदास घाटी से काजल टॉकीज मार्ग की सड़क में कई जगह बारिश से गड्ढे हो चुके हैं।
रामदास घाटी से शिंदे की छावनी मार्ग: पिछले साल नई सड़क बनी थी, लेकिन पानी की लाइनों की लीकेज होने और बारिश के चलते कई जगह गड्ढे हो चुके हैं।
रोशनी घर और अचलेश्वर मार्ग: ये दोनों मार्ग ही बारिश के कारण गड्ढों में बदल गए हैं। अचलेश्वर मंदिर के सामने तो रास्ता ही छोटा रह गया है।
कुंज विहार फेस-1 वार्ड-19 की सड़कें बेहद खराब हो चुकी हैं।
छह नंबर चौराहे से छावनी बोर्ड: छावनी बोर्ड के गेट के पास से तिकोनिया होते हुए एमएस चौराहे और बारादरी तक कई जगह सड़क ही गायब है।

