80 साल के बुजुर्ग के घर किरायेदार का कब्जा, एसडीएम ने खाली कराया मकान
ग्वालियर. 80 साल के बुजुर्ग नत्थालाल राठौर को एक साल बाद अपने ही मकान पर कब्जा मिल गया और उनके मकान पर किराएदार ने कब्जा कर रखा था साथ ही किराया देना भी बंद कर दिया था। इसी मकान से बुजुर्ग दंपती अपना खर्च चलाते थे। इस कारण परेशान हो रहे थे। कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह की जनसुनवाई में बुजुर्ग पहुंचे और कलेक्टर ने शिकायत सुन तत्काल एसडीएम अनिल बनवारिया के माध्यम से मकान खाली कराने की कार्रवाई कराई।
क्या है पूरा मामला
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर एसडीएम अनिल बनवारिया के नेतृत्व में गई संयुक्त टीम ने तारागंज क्षेत्र में इस कार्रवाई को अंजाम दिया। तहसीलदार नीना गौर और नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी भी इस टीम में शामिल थे। ग्वालियर शहर के तारागंज में नत्थालाल राठौर व पत्नी रामकली का पक्का मकान है। मकान के किराए से इस बुजुर्ग दंपत्ती का गुजारा चलता है। उनके एक किराएदार द्वारा पिछले कुछ सालों से किराया नहीं दिया जा रहा था। इस आशय की शिकायत नत्थालाल राठौर ने कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में पहुंचकर की थी। उन्होंने जन-सुनवाई में गुहार लगाई थी कि एक महिला द्वारा उनके मकान के एक हिस्से पर जबरन कब्जा कर रखा है। मकान का किराया न मिलने से हमें अपना खर्चा चलाने में दिक्कत आ रही है। एसडीएम न्यायालय में विधिवत सुनवाई करने के बाद विधि सम्मत आदेश पारित कर नत्थालाल राठौर के मकान में जबरन रह रही कामना थारानी को मकान खाली करने का आदेश दिया था। यह आदेश पिछले साल जुलाई में दिया था लेकिन महिला मकान खाली नहीं कर रही थी।
घर ढूंढने का 3 दिन का समय दिया
एसडीएम ने बताया कि नत्थालाल राठौर के मकान में रह रही कामना थारानी का सामान नगर निगम के मदाखलत दस्ते के वाहनों में भरवाकर समीप स्थित सिंधी धर्मशाला में रखवाया गया है। धर्मशाला के प्रबंधक से इस संबंध में चर्चा की गई और उन्होंने तीन दिन के लिये कामना थारानी को यहां रहने की अनुमति दी है। कामना थारानी से कहा गया है कि इस अवधि में वे किराए पर घर ढूंढकर अपना सामान शिफ्ट कर लें।

