यूक्रेन में फंसे ग्वालियर के स्टूडेंट्स: छात्र बोले- बाहर कर्फ्यू, सीधे गोली मारने के ऑर्डर, कैसे निकलें
नई दिल्ली. यूक्रेन पर रूस लगातार हमला कर रहा है। कीव शहर में ग्वालियर के पवन सोलंकी अभी भी फंसे हुए हैं। पवन ने बताया कि, एंबेसी स्टूडेंट्स को अपनी रिस्क पर रोमानिया, हंगरी या पोलैंड बॉर्डर पर पहुंचने के लिए कह रही है। यहां से सबको एयरलिफ्ट किया जा रहा है। यूक्रेन में कर्फ्यू लगा हुआ है। किसी को भी देखते ही शूट करने के ऑर्डर हैं। पवन के साथ प्रदेश के 6 से 7 स्टूडेंट फंसे हैं।
पवन ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट कर अपना दर्द बयां किया है। यहां ग्वालियर में परिजन उनके घर लौटने के लिए दुआएं कर रहे हैं। इसी तरह ग्वालियर के शांतनु बामनगया चार दिन से पोलैंड बॉर्डर पर फंसे हैं, लेकिन यूक्रेन की फोर्स बॉर्डर नहीं खोल रही। शांतनु के भाई ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और सेनाध्यक्ष से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने ट्वीट कर कर शांतनु को पोलैंड बॉर्डर से निकालने की मांग की है।
इंस्टाग्राम पर वीडियो डाल छात्रों ने मांगी मदद
ग्वालियर की अमलताश कॉलोनी गोला का मंदिर निवासी पवन सिंह सोलंकी (25) ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। जिसमें वह कह रहे हैं, ‘हम कई दिन से बंकर में छिपे हुए हैं। यहां सिर्फ धमाके और सायरन की गूंज सुनाई दे रही है। सरकार मदद का दावा कर रही है, लेकिन अब तक कोई मदद नहीं मिली है। यहां से आधा किलोमीटर दूर ही बम गिर रहे हैं। सड़कों पर यूक्रेनी सेना दौड़ रही है। इंडियन एंबेसी के अधिकारी कह रहे हैं कि किसी भी तरह बॉर्डर तक आ जाओ। सभी बॉर्डर यहां से 80 से 100 किलोमीटर की दूरी पर है। कीव और खार्किव में कर्फ्यू लगा है। शूट एट साइट के ऑर्डर हैं। एक घंटे की छूट मिलती है। हम बंकर से तक निकल नहीं पा रहे।’
वहीं ग्वालियर के ही स्टूडेंट पवन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें वह कह रहे हैं, सभी देशों ने अपने छात्रों को यूक्रेन से निकाल लिया है। भारतीय स्टूडेंट्स यहां अभी भी बड़ी संख्या में फंसे हुए हैं। क्या भारत सरकार इतनी कमजोर है कि अपने छात्रों को निकाल नहीं पा रही।

