CDS जनरल बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर क्रैश में निधन

नई दिल्ली. जनरल बिपिन रावत नहीं रहे वे देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, यानी CDS थे। तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार दोपहर करीब 12 बजकर 20 मिनट पर उनका हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। उसमें जनरल रावत की पत्नी मधुलिका रावत समेत सेना के 14 लोग सवार थे। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई है। हादसे के बाद सभी घायलों को गंभीर हालत में वेलिंगटन के मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया था। जहां से करीब साढ़े पांच घंटे तक खबर आती रही कि जनरल रावत और उनकी पत्नी समेत कई जवान बुरी तरह घायल हैं। लेकिन फिर बारी-बारी से मौत की खबर आने लगी। आखिर में शाम तक ये खबर आई कि जनरल रावत की पत्नी मघुलिका समेत 13 लोगों की मौत हो गई है। सिर्फ एक व्यक्ति जिंदा है, जो पुरुष है। इसके बाद कयास लगाए जाते रहे थे कि ये जनरल रावत ही हैं। लेकिन देर शाम सबसे बुरी खबर आई कि जनरल रावत नहीं रहे।

आग का गोला बन गया था हेलिकॉप्टर
चश्मदीदों के मुताबिक हादसे से पहले बहुत तेज आवाज सुनाई दी। हेलिकॉप्टर पहले पेड़ों पर गिरा। इसके बाद उसमें आग लग गई, वो आग का गोला बन गया था। एक और चश्मदीद का कहना है कि उसने जलते हुए लोगों को हेलिकॉप्टर से बाहर गिरते हुए देखा। हादसा तब हुआ जब जनरल रावत कुन्नूर में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस सुलूर लौट रहे थे। हेलिपैड से 10 मिनट के दूरी पर घने जंगलों के बीच हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे की वजह खराब मौसम बताई जा रही है।

घने जंगल और कम विजिबिलिटी हादसे की वजह
हादसे की वजह घने जंगल और कम विजिबिलिटी रहे। खराब मौसम के दौरान बादलों में विजिबिलिटी कम होने की वजह से हेलिकॉप्टर को कम ऊंचाई पर उड़ान भरनी पड़ी। लैंडिंग पॉइंट से दूरी कम होने की वजह से भी हेलिकॉप्टर काफी नीचे उड़ान भर रहा था। नीचे घने जंगल थे इसलिए क्रैश लैंडिंग भी फेल हो गई। इस हेलिकॉप्टर के पायलट ग्रुप कमांडर और सीओ रैंक के अधिकारी थे, ऐसे में मानवीय भूल की आशंका न के बराबर है।

 

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