गणेशोत्सव के भंडारे नहीं हो सकेंगे, सांस्कृतिक, मनोरंजन-खेल के इवेंट, जागरण और भंडारे प्रतिबंधित
भोपाल. गणेशोत्सव के दौरान पंडालों में सांस्कृतिक, मनोरंजन व खेल के इवेंट, जागरण और भंडारे भी नहीं हो सकेंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने इन सभी आयोजनों पर प्रतिबंध लगाया है। इधर, पंडालों में बिजली के टेंपरेरी कनेक्शन लेने भी जरूरी होंगे वरना आयोजकों पर बिजली चोरी के केस बनेंगे।
शहर में 800 से अधिक स्थानों पर पंडाल सजेंगे जहां पर शुभ मुहूर्त में श्रीगणेश विराजेंगे। इन पंडालों के लिए जिला प्रशासन ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। पंडाल का आकार अधिकतम 30×45 फीट रहेगा और ऐसे स्थानों पर बनेंगे, जिसके आसपास जगह अच्छी और ज्यादा हो ताकि कोरोना गाइडलाइन का पालन भी हो सके इसके साथ इन पंडालों में सभी प्रकार के सांस्कृतिक, धार्मिक और मनोरंजन के इवेंट्स नहीं कराए जा सकेंगे। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने गाइडलाइन का पालन कराने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
पंडाल के लिए एसडीएम से लेना पड़ेगी अनुमति
जिला प्रशासन की गाइडलाइन जारी होने के बाद आयोजन समितियों को अनुमित लेना जरूरी होगी। वे संबंधित एसडीएम से लिखित परमिशन लेंगे।
पंडाल या झांकी में बिजली कनेक्शन की लेमीनेटेड रसीद जरूरी
पंडाल या झांकी में टेंपरेरी बिजली कनेक्शन लेना जरूरी होगा। आयोजन समितियों को लेमीनेटेड रसीद पंडाल-झांकी में ही रखना जरूरी होगी ताकि बिजली कंपनी की टीम यदि वहां पहुंचे तो उन्हें रसीद दिखाई जा सके। कनेक्शन मीटरीकृत होगा। बिजली के रेट घरेलू होंगे, लेकिन समितियों को लिखकर देना होगा कि वे निर्धारित भारत से अधिक का उपयोग नहीं करेंगे।

