6 लाख करोड़ रुपये की संपत्तियां लीज पर देगी सरकार, वित्त मंत्री ने लॉन्च की नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन
नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने छह लाख करोड़ रुपये की नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन की घोषणा की है इसके तहत वित्त वर्ष 2022 से 2025 तक 6 लाख करोड़ रुपये के एसेट्स निजी क्षेत्र को लीज पर दिए जा सकते हैं। इनमें रेलवे, बिजली से लेकर सड़क जैसे अलग-अलग बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के एसेट्स शामिल हैं।
अंडर-यूटिलाइज्ड एसेट्स ही मोनेटाइज किए जाएंगे
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन को लॉन्च करते हुए कहा, सरकार केवल अंडर-यूटिलाइज्ड एसेट्स को ही निजी क्षेत्र को देगी। संपत्ति का स्वामित्व सरकार के पास ही रहेगा और प्राइवेट सेक्टर के पार्टनर को तय समय के बाद अनिवार्य रूप से इनका कंट्रोल वापस करना होगा। नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन में ब्राउनफील्ड एसेट्स की बात कही गई है जिन्हें बेहतर ढंग से मोनिटाइज करने की जरूरत है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डिंग में होगा इनवेस्टमेंट
वित्त मंत्री ने कहा, प्राइवेट भागीदारों के साथ हम इन एसेट्स को बेहतर ढंग से मोनेटाइज कर रहे हैं। मोनेटाइजेशन से मिलने वाले संसाधनों को इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डिंग में इनवेस्ट किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा, संपत्तियों के मोनेटाइजेशन में जमीन की बिक्री शामिल नहीं है केंद्रीय बजट 2021-22 में बुनियादी ढांचे के सस्टेनेबल फंडिंग के एक प्रमुख साधन के रूप में ऑपरेशनल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की संपत्तियों के मोनेटाइजेशन की पहचान की गई थी। इस दिशा में बजट में एक नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन तैयार करने का भी प्रावधान किया गया है।
मंत्रालयों से विमर्श कर एनएमपी पर रिपोर्ट तैयार की गई
वित्त मंत्री ने कहा, ढांचागत क्षेत्र के मंत्रालयों के साथ विचार विमर्श कर नीति आयोग ने एनएमपी पर रिपोर्ट तैयार की। वित्त मंत्री ने कहा कि संपत्तियों के मोनेटाइजेशन से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और उनको पहले से अच्छी स्थिति में लाया जा सकेगा। इस मौके पर नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा, हम नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन की पूरी तरह सफलता के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मानना है कि बेहतर ऑपरेशन और प्राइवेट मेंटेनेंस में प्राइवेट सेक्टर को लाना बहुत महत्वपूर्ण है।

