रिहायशी इलाकों में होने वाली गतिविधियों की लिखित में देंगे जानकारी-निगमायुक्त
ग्वालियर. हाईकोर्ट की युगल पीठ में वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा उपस्थित हुए, उनकी ओर से भूमि विकास अधिनियम 2012 के नियमों की जानकारी दी और बताया कि रिहायशी इलाकों में कौन-कौन सी गतिविधियां हो सकती है और उसकी लिखित में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। कोर्ट ने हाजिरी माफी देते हुए पूरी जानकारी शपथ पत्र पर पेश करने के आदेश दिए है।
नवल सिंह कुशवाह ने माधव नगर में चल रही व्यवसायिक गतविधियों के खिलाफ हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया है कि वर्ष 2014 में एक जनहित याचिका में माधव नगर में होने वाली व्यवसायिक गतिविधियों को प्रतिबंधित किया था। माधव नगर एक रिहायशी इलाका है लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी व्यवसायिक गतिविधियों को प्रतिबंधित नहीं किया।
माधव नगर में कोचिंग, दुकान, हॉस्पिटल, मेडिकल, अन्य सामानों की दुकानें खुलती जा रही है इससे रहवासी परेशान है। जिला प्रशासन व नगर निगम को भी शिकायत की जा चुकी है। माधव नगर में संचालित व्यवसायिक गतिविधियां हाई कोर्ट की अवमानना है। नगर निगम ने माधव नगर में कार्रवाई कर पालन प्रतिवेदन पेश किया। कोर्ट ने रिहायशी इलाकों में कौन-कौन सी गतिविधियां संचालित हो सकती है उसकी भी जानकारी पेश थी लेकिन यह जानकारी भ्रम पैदा करने वाली थी इस वजह से कोर्ट ने आयुक्त को तलब किया था। नगर निगम के मुख्य विधिक सलाहकार दीपक खोत के साथ आयुक्त भी कोर्ट के सामने उपस्थित हुए।

