ग्वालियर में मुथूट ग्रुप के फर्जीवाड़े का भंड़ाफोड़, स्टाम्प में छेड़खानी, फर्जी नोटरी किया पेश
ग्वालियर. मुथूट ग्रुप के काले कारनामे का खुलासा होते ही भोपाल से लेकर दिल्ली, मुंबई तक हड़कंप मचा हुआ है इसके बाद कंपनी साख बचाने पूरे मामले में से पीडि़त बुजुर्ग का नाम हटा कर मामले को दबाने की जुगत में लग गई है। पीडि़त द्वारा शिकायत के बाद राज्य व केंद्र सरकार ने पूरे मामले को संज्ञान में लेकर प्रारंभिक जांच-पड़ताल के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है जिससे देश में इस तरह से हो रहे मामलों पर विराम लग सके।
पॉलिसी को सुधरवाने जिम्मेदार अफसरों को शिकायत भेजी
अन्य कंपनी के जानकारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने आज तक किसी बैंक या फायनेंस कंपनी में नौकरी के लिए इस तरह थर्ड पार्टी गारंटी लेने की पॉलिसी नहीं सुनी थी। यदि मुथूट वाकई में ऐसा कर रही है तो बेहद शर्मनाक है। मुथूट ग्रुप ने भोपाल के बेगुनाह बुजुर्ग से वसूली का फैसला भी बदलने की बात ईमेल भेजकर बताई हालांकि डॉ. अग्रवाल ने मुथूट को दोबारा लताड़ लगाई है और ऐसी अजीबोगरीब पॉलिसी को सुधरवाने जिम्मेदार अफसरों को शिकायत भेजी है जिस पर कार्यवाही शुरू हो चुकी है।
यह है पूरा मामला
मुथूट फाइनेस में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी अज्ञात कारणों से अपनी नौकरी छोड़कर चली गई तो मुथूट ग्रुप दिल्ली ने अपने वकील के माध्यम से भोपाल के एक बेगुनाह बुजुर्ग को 3824 रुपए की वसूली के लिए भेजा था 420 के केस करने का कानूनी नोटिस।

