FCI पर 121.56 करोड़ रुपये की वसूली का मामला, हाईकोर्ट ने 50% राशि 4 सप्ताह में जमा करने के निर्देश
ग्वालियर। मंदिर माफी भूमि पर बने भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदामों से जुड़ी वसूली के मामले में अब बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। तहसीलदार लश्कर मनोज जैन द्वारा जारी किए गए 1,21,56,12,027 रुपये (एक अरब इक्कीस करोड़ छप्पन लाख बारह हजार सत्ताइस रुपये) के डिमांड नोटिस के खिलाफ FCI ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में WP दायर की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने अपने 13 अगस्त 2026 के आदेश में FCI को निर्देश दिया कि डिमांड नोटिस में निर्धारित राशि की 50% रकम 60,78,06,163 रुपये आदेश की तारीख से 4 सप्ताह के भीतर जमा कराई जाए। आदेश में कहा गया है कि निर्धारित राशि जमा करने पर शेष राशि की वसूली पर स्थगन प्रभावी माना जाएगा। निर्धारित 50% राशि जमा नहीं किए जाने की स्थिति में FCI को पूरी राशि जमा करनी होगी।
1976 में मंदिर माफी भूमि पर बनाए गए थे गोदाम
मामला वर्ष 1976 से जुड़ा है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, FCI ने कोटा लश्कर स्थित मंदिर माफी भूमि के सर्वे क्रमांक 945, 951, 952, 953, 954, 968 और 969 सहित कुल 9 बीघा 13 बिस्वा भूमि पर केंद्रीय भंडार निगम के गोदामों का निर्माण आवंटन की प्रत्याशा में कर लिया था।इसके बाद वर्ष 1988 में 3,19,174 रुपये की राशि निर्धारित की गई थी। इस राशि पर 7.5 प्रतिशत ब्याज देय था। FCI द्वारा कुछ राशि जमा कराई गई, लेकिन शेष राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद वर्ष 1999 में बकाया राशि और ब्याज सहित कुल 33,16,922 रुपये निर्धारित किए गए।
2005 में जमा किए 5.98 लाख रुपये, बाकी राशि को लेकर विवाद
वर्ष 2005 में FCI द्वारा 5,98,451 रुपये जमा कराए गए। शेष राशि को लेकर मामला उच्च न्यायालय पहुंचा। हाईकोर्ट ने संबंधित मामले में प्रमुख सचिव, धर्मस्व विभाग को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे।इसके बाद प्रमुख सचिव, धर्मस्व द्वारा वर्ष 1999 में निर्धारित राशि तथा उसके बाद देय 15 प्रतिशत ब्याज को शामिल करते हुए राशि का आकलन कर FCI से वसूली के निर्देश दिए गए। आदेश में यह भी कहा गया था कि निर्धारित राशि एक माह के भीतर जमा नहीं करने पर कब्जा प्राप्त कर भूमि को माफी विभाग को सौंपने की कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर के आकलन के बाद जारी हुई RRC
प्रमुख सचिव के आदेश के बाद आयुक्त, ग्वालियर संभाग द्वारा कुल राशि का आकलन कराया गया। इसके आधार पर कलेक्टर ग्वालियर द्वारा आकलित राशि की RRC (Revenue Recovery Certificate) जारी कराई गई। RRC के आधार पर तहसीलदार लश्कर ने FCI के विरुद्ध 1,21,56,12,027 रुपये का डिमांड नोटिस जारी किया।इस डिमांड नोटिस के खिलाफ FCI ने हाईकोर्ट में WP क्रमांक 31946/2026 दायर कर वसूली पर स्थगन की मांग की थी। अब 13 अगस्त के हाईकोर्ट आदेश के बाद FCI के सामने निर्धारित चार सप्ताह की समयसीमा में 60,78,06,163 रुपये जमा करने की शर्त है।
50% राशि जमा करना होगी निर्णायक
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार यदि FCI निर्धारित 50% राशि चार सप्ताह के भीतर जमा कर देता है तो शेष राशि की वसूली पर स्थगन प्रभावी रहेगा। वहीं, निर्धारित राशि जमा नहीं करने की स्थिति में FCI को पूरी डिमांड राशि जमा करनी होगी। मंदिर माफी भूमि से जुड़े इस मामले में अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन और FCI की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

