सामुदायिक सहभागिता एवं महिला-बाल सुरक्षा पर पुलिसएक दिवसीय विशेष कार्यशाला
ग्वालियर-सहभागिता, महिला एवं बाल सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के भोपाल पुलिस मुख्यालय मुख्य अतिथि डीआईजी डॉ. विनीत कपूर रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, ASP सुमन गुर्जर, महिला सुरक्षा प्रभारी डीएसपी शिखा सोनी, सीएसपी लश्कर किरण अहिरवार, रक्षित निरीक्षक रणजीत सिंह सिकरवार सहित जिले के सभी थानों की ऊर्जा डेस्क प्रभारी, महिला हेल्प डेस्क प्रभारी, थानों के बाल कल्याण अधिकारी, परिवार परामर्श की काउंसलर तथा महिला सेल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में डीआईजी डॉ. विनीत कपूर ने सामुदायिक पुलिसिंग को आधुनिक पुलिस व्यवस्था की सबसे प्रभावी अवधारणा बताते हुए कहा कि अपराधों की रोकथाम केवल पुलिस के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी और पुलिस-जनता के बीच विश्वास का मजबूत रिश्ता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाना अपने क्षेत्र में महिला ऊर्जा हेल्प डेस्क, बाल कल्याण अधिकारी, ग्राम एवं नगर रक्षा समिति, मोहल्ला समिति और सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करे, जिससे अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ पीडि़तों तक त्वरित सहायता भी सुनिश्चित हो सके।
डॉ. कपूर ने अपने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न नवाचारों एवं सामुदायिक पुलिसिंग अभियानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘‘नशे से दूरी है जरूरी’’ अभियान ने समाज में नशे के प्रति जागरूकता का सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित ‘‘मैं भी अभिमन्यु’’ अभियान बालकों एवं युवाओं में लैंगिक समानता, महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में एक अभिनव पहल है। इसी प्रकार ‘‘सेफ क्लिक’’ साइबर जागरूकता अभियान से आमजन काफी जागरूक हुए हैं तथा यूथ कनेक्ट स्टूडेंट इंटर्नशिप जैसे कार्यक्रम युवाओं को पुलिस व्यवस्था से जोड़ने और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने डॉ. विनीत कपूर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्वालियर पुलिस के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि देश-विदेश में अपनी विशिष्ट कार्यशैली एवं पुलिस सुधारों के लिए पहचान बनाने वाले वरिष्ठ अधिकारी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला में साझा किए गए अनुभव एवं नवाचार निश्चित रूप से ग्वालियर पुलिस की जनसेवा, महिला-बाल सुरक्षा तथा सामुदायिक पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।

