MP में 190 तहसीलदार और SLR बने डिप्टी कलेक्टर, पदोन्नति के किये जारी, DPC में लिया गया फैसला
भोपाल. मध्यप्रदेश शासन ने लम्बे समय से इंतजार कर पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करते हुए 190 तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख (एसएलआर) और प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को राज्य प्रशासनिक सेवा में डिप्टी कलेक्टर पद पर प्रमोशन दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा मंगलवार को आदेश जारी करने के साथ ही यह अधिकारी अब राजस्व विभाग के बजाय सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी माने जायेंगे।
जारी आदेश के मुताबिक संबंधित अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ट श्रेणी वेतनमान में प्रमोशन किया गया है। उनकी पदस्थापना फिलहाल उसी जिले में रखी गयी है। जहां वह वर्तमान में कार्यरत है। आदेश में उन अफसरों का भी पदोन्नति का फायदा दिया गया है। जिन्होंने पूर्व में प्रभारी डिप्टी कलेक्टर अथवा एसएलआर के रूप में कार्य करना स्वीकार किया था। लेकिन कार्यवाहक उच्च पद का प्रभार नहीं लिया था।
DPC बैठक के बाद जारी हुए आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव एम सेलवेंद्रन और राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार ने सोमवार को इंदौर स्थित लोक सेवा आयोग कार्यालय में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में भाग लिया था। बैठक में पदोन्नति के लिये प्रस्तावित अधिकारियों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई गयी। जिसके बाद मंगलवार को पदोन्नति आदेश जारी कर दिये गये। करीब 250 प्रभारी तहसीलदार, तहसीलदार, और एसएलआर के नामों पर विचार किया गया था। जिनमें से पहले चरण में 190 अधिकारियों का डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी पदोन्नतियां प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी।
नायब तहसीलदारों की पदोन्नति सूची भी जल्द
राजस्व विभाग अब नायब तहसीलदारों की पदोन्नति प्रक्रिया भी पूरी करने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि करीब 200 प्रभारी तहसीलदार, जो वर्तमान में नायब तहसीलदार के पद से कार्य कर रहे हैं, उन्हें नियमित तहसीलदार के पद पर पदोन्नत किए जाने के आदेश एक-दो दिन में जारी किए जा सकते हैं।

