1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा, नॉर्मल कैटेगरी पास 2,500 और तत्काल 5 हजार रूपये में बनेगा, डैमेज या खोने पर 8,500 रूपये तक होगी फीस
नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय के एक बयान के बाद से यह सवाल खड़ा हो गया है कि भारत का नागरिक कौन है। आज भारत की अधिकांश जनता के पास ऐसाकोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं है जो साबित करे कि वह भारत का नागरिक है। क्योंकि आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड , पासपोर्ट, ड्रायविंग लायसेंस यह सब देश के अलग-अलग कानूनों के हिसाब से बने पहचान पत्र है लेकिन यह नागरिकता की पहचान नहीं है।

1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना या री-इश्यू कराना महंगा हो जायेगा। केन्द्र सरकार ने पासपोर्ट की फीस बढ़ाने का फैसला किया है। 30 पनेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रूपये से बढ़कर 2,500 रूपये हो जायेगी। वहीं, तत्काल पासपोर्ट के लिये 5 हजार रूपये देने होंगे। जो कि पहले 3,500 रूपये थी।
60 पेज वाले पासपोर्ट की फीस भी बढ़ाई गयी है। इसकी सामान्य फीस 2 हजार रूपये से बढ़ाकर 3,500 रूपये और तत्काल फीस 4 हजार रूपये से बढ़ाकर 6 हजार रूपये हो जायेगी।
विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट रूल्स 1980 में संशोधन के बाद नयी दरों का लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। यह बढ़ोत्तरी 14 साल बाद की गयी है। इससे पहले 2012 में फीस में बदलाव किया गया था।
पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं, पहले जैसे ही रहेंगे नियम
फीस बढ़ाने के साथ ही सरकार ने नियमों में वैलिडिटी की स्थिति को भी स्पष्ट किया है। वयस्क आवेदकों के लिए जारी किए गए पासपोर्ट की वैधता पहले की तरह ही अधिकतम 10 साल तक रहेगी।
वहीं, नाबालिगों को जारी किए जाने वाले पासपोर्ट की वैलिडिटी 5 साल या उनके 18 साल की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) मान्य रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

