पड़ावली, रनचौली और पुर गांव में पुलिस और वन विभाग का पत्थर खदानों पर छापा, 5 लाख रूपयेउपकरण जब्त, टीम देखकर माफिया भागे

मुरैना. सुप्रीम कोर्ट ने चम्बल अभ्यारण्य इलाके में अवैध रेत और पत्थर खनन को पूरी तरह से रोकने के सख्त निर्देश दिये है। इन निर्देशों के पालन में प्रशासन, मायनिंग और वन विभाग द्वारा लगातार संयुक्त कार्यवाही की जा रही है। संयुक्त टीम ने पडावली, रनचौली और पुर गांवों में पहुंचकर खदानों का औचक निरीक्षण किया और यह जब्ती की कार्यवाही को अंजाम दिया।
आपको बता दें कि मायनिंग, वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से पडावली, पुर और रनचौली गांव में टीम ने छापा मारा है। कार्यवाही के बीच मौके से 5 लाख रूपये कीमत का एक ट्रैक्टर, कंप्रेसर और जनरेटर समेत अन्य उपकरण जब्त किये गये है। हालांकि टीम के पहुंचने की भनक लगते ही अवैध खनन कर रहे आरोपी मशीनें घटनास्थल पर छोड़कर फरार हो गये।
वन क्षेत्र में चल रहा था अवैध खनन
रिठौरा थाना प्रभारी संतोष बाबू गौतम ने बताया कि रिठौरा के ग्रामीण इलाकों में कई पत्थर खदानें संचालित हैं। इनमें से कई वैध हैं, लेकिन कुछ माफिया इसकी आड़ में वन क्षेत्र के अंदर भी अवैध रूप से पत्थर का खनन कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर आज अलग-अलग जगहों पर निरीक्षण कर यह संयुक्त कार्रवाई की गई है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।छापेमारी के दौरान अवैध खनन में लिप्त लोग मौके से भाग निकले। खनिज विभाग ने जब्त किए गए सभी वाहनों और उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया है। अब विभाग अवैध खदान चलाने वाले आरोपियों की पहचान करने में जुट गया है। आरोपियों के पकड़े जाने पर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और खनिज अधिनियम के तहत जुर्माना भी लगाया जाएगा।

 

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