Newsमप्र छत्तीसगढ़

ईरान का दावा-अमेरिका का F-18 फायटर जेट मार गिराया

नयी दिल्ली. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी एफ‘-18 फायटर जेट को मार गिराया है। ईरानी मीडिया के अनुसार यह कार्यवाही उसके एयर डिफेंस सिस्टम के माध्यम से की गयी है। इसे हालिया सैन्य तनाव के बीच बड़ी कामयाबी बताया जा रहा है। हालांकि इस दावे की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले भी आईआरजीसी ने अमेरिकी फायटर जेट एफ-15 जैसे लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया था। जिसे अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बेबुनियाद बताया था। अभी तक इस घटना को लेकर अमेरिका या उसके पश्चिम एशियाई सहयोगियों की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आयी है। इस दौरान 2026 में जारी अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अमेरिकी सैन्य नुकसान को लेकर नयी जानकारी सामने आ रही है। विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी तक अमेरिका लगभग 18 सैन्य विमानों को नुकसान झेल चुका है। एक एफ-35 फायटर जेट को भी नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट आयी थी।
कौन-कौन से फायटर जेट को हुसा नुकसान
सबसे अधिक नुकसान ड्रोन सेक्टर को हुआ है। अमेरिका के 12एमक्यू-9 रीपर ड्रोन मार गिराये हैं। एमक्यू-9 रीपर एक अत्याधुनिक ड्रोन है। जिसका उपयोग लम्बे समय तक निगरानी और सटीक हमलों के लिये किया जाता है। इसमें हेलफायर मिसाइलें लगी होती है। यह लगभग 27 घंटे तक हवा में रह सकता है।
इन ड्रोन को ईरान के सैन्य ठिकानों ओर आईआरजीसी के कैंप्स को टारगेट करने के लिये भेजा गया था। लेकिन ईरान की मजबूत एयरडिफेंस और मिसाइल सिस्टम ने इन्हें रास्ते में ही नष्ट कर दिया। एक रीपर ड्रोन की कीमत करीब 250 करोड़ रूपये बताई जाती है। पिछलेदिनों 3 एफ-15 फायटर जेट को कुवैत की वायुसेना ने इसे दुश्मन का समझकर मिसाइल से निशाना बना दिया। यह सभी विमान ईरान के खिलाफ मिशन पर थे। इस घटना में 3 पायलट्स की भी मौत हो गयी। एफ-15 भले ही पुराना प्लेटफॉर्म है। लेकिन आज भी इसे बेहद ताकतवर माना जाता है। यह हवा से हवा और हवा से जीमन पर हमला करने में सक्षम है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *