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UPS पेंशन को लेकर राज्य भी असमंजस में है, पेंशन वाले कॉर्पस फंड पर केन्द्र-राज्य में किसका है हक

भोपाल. यूनिफाड पेंशन स्कीम (यूपीएस) को लेकर कर्मचारियों क साथ राज्य सरकारें भी असमंजस में है। सोमवार को पेंशन फंड रेग्युलेटरी एंड डवलपमेंट (पीएफआरडीए) की बैठक में कई राज्यों ने यह सवाल उठाया है कि 8.50 हिस्सेदाी वाले कॉर्पस फंड पर केन्द्र राज्यमें से किसका अधिकार होगा और प्रबंधन कौन करेगा। क्योंकि यूपीएस की नियमावली में स्पष्ट जिक्र नहीं है। इस संबंध में राज्य सरकार पहलेभी 2 -3 बार पीएफआरडीएको पूछ चुकी है। यही वह हिस्सा जिससे कर्मचारियों को 50प्रतिशत पेंशन की गारंटी दी जानी है। दूसरी बड़ी परेशानी यह है कि कॉर्पस फंड में जो 4.5 हिस्सा जमा करना है। उसकी व्यवस्था कैसे होगी। मप्र से अपर संचालक पुष्पलता शेखर सहित वित्त विभाग के अन्य अधिकारी वीसी से जुड़े।
कॉर्पस फंड में क्या अंतर है?
NPS  : 1 लाख रुपए वेतन पर कर्मचारी (10%) और सरकार (14%) मिलकर 24 हजार रुपए हर महीने कार्पस फंड में डालते हैं। लंबे सेवाकाल में यह राशि ब्याज मिलाकर करीब 1 करोड़ तक पहुंच सकती है। रिटायरमेंट पर 50-60 हजार रु. मासिक पेंशन मिल सकती है।
UPS  : सरकार का योगदान 10% होगा, 8.50% अलग से पेंशन पूल में जाएगा। इससे सेवाकाल के अंत में कर्मचारी का कॉर्पस सिर्फ 64 लाख रुपए तक रह जाता है। इससे पेंशन तो गारंटीशुदा मिलेगी, पर रकम कम होगी।
एनपीएस में कर्मचारी व पत्नी की मृत्यु के बाद कॉर्पस राशि आश्रितों को मिलती है। यूपीएस में स्थिति स्पष्ट नहीं है।
राज्यों की उलझन का ये कारण भी… यूपीएस लागू करने पर मप्र सरकार को हर साल 1750 करोड़ अतिरिक्त खर्च करने होंगे
NPS… मप्र में करीब 4.50 लाख अफसर-कर्मचारी एनपीएस (न्यू पेंशन स्कीम) के तहत हैं। अभी हर साल करीब 10 हजार करोड़ रुपए एनपीएस में जमा होते हैं। इसमें कर्मचारी की 10% हिस्सेदारी (4500 करोड़ रुपए) और सरकार की 14% हिस्सेदारी (5500 करोड़ रुपए) कर्मचारियों के व्यक्तिगत खाते में जाती है।
वह 100% राशि अपनी पसंद के फंड मैनेजर के पास निवेश कर सकते हैं, बाकी आधा एनपीएस ट्रस्ट मैनेज करता है। रिटायरमेंट पर कर्मचारी इस कॉर्पस में से 60% राशि निकाल सकता है, 40% से एन्युटी खरीदकर पेंशन ले सकता है।
UPS... इसमें कर्मचारी का योगदान 10% रहेगा, पर सरकार का योगदान घटकर 10% कर दिया गया है। हालांकि सरकार 8.50% राशि अलग से पेंशन पूल में डालेगी। यानी कुल मिलाकर 28.50% जमा होगा।
इस पेंशन पूल से कर्मचारियों को 50% पेंशन की गारंटी दी जाएगी। लेकिन यह 8.50% हिस्सा कर्मचारी के खाते में नहीं आएगा, उस पर हक सिर्फ सरकार का रहेगा। पर किस सरकार का रहेगा, यह स्पष्ट नहीं।
यूपीएस लागू करने पर राज्य सरकार को हर साल 1750 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करना होगा।
यह अतिरिक्त राशि कहां जमा होगी और इसका प्रबंधन कैसे होगा, इस पर असमंजस है। प्रदेश में इस मुद्दे पर अब तक सिर्फ एक मीटिंग हुई है।

 

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