8th Pay Commission के गठन पर विचार कर रही है केन्द्र सरकार
नई दिल्ली. पीएम मोदी की सरकार ने अखिल भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ के महासचिव शिवगोपाल मिश्रा ने भारत सरकार के कैबिनेट सचिव के लिखे पत्र पर विचार करना शुरू कर दिया है। 8th Pay Commission के मामले में 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद ताजा घटनाक्रम में केन्द्र को 8वें वेतन आयोग के गठन के संबंध में केन्द्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन और पेंशन संबंधी लाभों को संशोधित करने की संभावनाओं पर विचार करेगा।
भारतीय रेलव कर्मचारियों के सबसे बड़े ट्रेड यूनियन अखिल भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ के महासचिव शिवगोपाल मिश्रा ने भारत सरकार के कैबिनेट सचिव को एक पत्र लिखकर 8th Pay Commission के गठन करने की मांग की थी। केन्द्र सरकार के कर्मचारियों वेतन/भत्ते/पेंशन और अन्य लाभों को संशोधित करने के लिये के अनुरोध किया था।
8th Pay Commission के गठन का 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों को है इंतजार
देशभर में 1 करोड़ से अधिक केन्द्र और राज्य कर्मचारियों और पेंशन भोगी कर्मचारियों 8वें वेतन अयोग के गठन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जो सरकारी कर्मचारियों के पारिश्रमिक और अन्य लाभों से संबंधित विभिन्नकारकों पर विचार करने के बाद सरकार अपनी सिफारिशें सौंपेगां । 7वें वेतन आयोग के कार्यान्वयन के बाद से 10 वर्षो के अंतराल के साथ, अगला वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाना चाहिये। केन्द्र आमतोर पर 2 अलग-अलग वेतन आयोगों के कार्यान्वयन के बीच 10 साल का अंतराल रखता है। लेकिन अगले वेतन आयोग की स्थापना के मामले में केन्द्र सरकार अभी तक चुप है।
केन्द्र सरकार को लिखे अपने पत्र में एआईआरएफ ने कहा है कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को सरकार ने 1 जनवरी 2016 से लागू कर दिया है। हालांकि जनवरी 2016 से न्यूनतम वेतन को 26 हजार रूपये प्रतिमाह करने की मांग को खारिज कर दिया गया। 26 हजार रूपये के न्यूनतम वेतन की गणना आईएलसी मानदंडों और डॉ. एक्रोयड फॉर्मूला आदि के विभिन्न घटकों के आधार पर की गयी थी।

