प्रेग्नेंट पत्नी ने पति के साथ रहने से किया मना, हाईकोर्ट में प्रेमी संग रहने की इच्छा जाहिर की 6 माह से प्रेग्नेंट है पत्नी, पति की याचिका खारिज
ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सोमवार को एक हैबियस कॉर्पस याचिका का निरर्थक घोषित करते हुए खारिज कर दिया। यह याचिका पति ने दायर की थी। जिसमें उसने अपनी पत्नी को संदीप जाटव की अवैध हिरासत में होने का आरोप लगाया था। सुनवाई के बीच पत्नी ने हाईकोर्ट के समक्ष स्पष्ट किया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से जीवन जीना चाहती है। उसने बताया कि उसका विवाह 4 मई 2023 को हुआ था। लेकिन यह उसकी इच्छा के विरूद्ध परिवार द्वारा तय किया गया था।
पत्नी ने कोर्ट के समक्ष स्पष्ट किया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से जीवन जीना चाहती है। उसने बताया कि उसका विवाह 4 मई 2023 को हुआ था, लेकिन यह उसकी इच्छा के विरुद्ध परिवार द्वारा तय किया गया था।
महिला ने हाईकोर्ट को बताया कि वह पति के साथ नहीं रहना चाहती। उसने यह भी कहा कि वह 27 फरवरी 2024 से संदीप जाटव के साथ रह रही है, जो अहमदाबाद में कार्यरत है। महिला 6 माह की गर्भवती है और अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है। वहीं, पति ने कोर्ट से कहा कि वह पत्नी और होने वाले बच्चे को अपने साथ रखने के लिए तैयार है। हालांकि, पत्नी ने उसके साथ जाने से साफ इनकार कर दिया।
मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि महिला बालिग है और किसी की अवैध हिरासत में नहीं है। वह अपनी इच्छा से जहां रहना चाहती है, वहां रहने के लिए स्वतंत्र है। इसी आधार पर कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दी।

