1500 पंचायत, 163 शहरों के जलस्रोतों पर अतिक्रमण, कलियासोत-बेतवा से गुड़ी पड़वा से शुरू होगी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद जुटाई गई यह जानकारी
भोपाल-मप्र में अतिक्रमण को लेकर सरकार बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। इस बार मामला केवल शहरों में ही नहीं, बल्कि गांव तक जाएगा। दरअसल, राज्य सरकार गुड़ी पड़वा से जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू करने जा रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव के इस अभियान के दौरान तालाबों, नदियों के कैचमेंट क्षेत्र और मुहानों से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम के निर्देश के बाद जो प्रारंभिक जानकारी जुटाई गई है, उसके पता चला है कि मप्र के 163 छोटे शहरों में मौजूद पुराने जलस्रोतों पर हो चुके कब्जों को चिन्हित किया जा रहा है। वहीं प्रदेश के डेढ़ हजार पंचायतों में भी अतिक्रमण सामने आए हैं। इसके अलावा प्रदेश में छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 207 नदियां हैं, इनमें से लगभग 70 नदियों के मुहाने और किनारे पर बड़े अतिक्रमण हो चुके हैं। इन्हें भी चिन्हित किया जा रहा है। इनमें भोपाल से निकलने वाली कलियासोत और बेतवा नदी भी शामिल हैं। प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि इन अतिक्रमणों को चिन्हित कर उनका रिकॉर्ड तैयार करें। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में पुरानी बावड़ी और कुओं को भी अतिक्रमण से मुक्त कराया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य में शहरों में जल संकट की स्थिति से बचने के लिए इन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराना जरूरी है।
ऐसे हटाया जाएगा अतिक्रमण
अभियान के पूर्व सभी पुराने और नए अतिक्रमणों को चिन्हित करके इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी जाएगी। फिर जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को यह सूची भेजी जाएगी। इसके बाद देखा जाएगा कि कितनी सरकारी जमीन पर किसका कहां अतिक्रमण है। इसके बाद अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया जाएगा, फिर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी।
जानिए… क्या है जल गंगा संवर्धन अभियान
राज्य सरकार 19 मार्च को वर्ष प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) से प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू करेगी। प्रदेशभर में विक्रम संवत, पर्यावरण और जल संसाधनों के संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम एक माह तक चलेंगे। 23 से 24 मई को भोपाल में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। 25 और 26 मई को क्षिप्रा परिक्रमा यात्रा, 26 मई को गंगा दशहरा पर उज्जैन में क्षिप्रा तट पर भव्य कार्यक्रम का भी आयोजन होगा। 30 मई से 7 जून तक भोपाल में भारत भवन में समागम होगा। इसी कार्यक्रम में कृषि भूमि के सैटेलाइट मैपिंग सिस्टम का लोकार्पण किया जाएगा। इस पूरे कार्यक्रम प्रदेश सभी जिलों, गांवों, नदी के उद्गम स्थलों, नदी के किनारों के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई होगी। इसके लिए नगरीय प्रशासन विभाग और मप्र पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने भी काम शुरू कर दिया है। अलग-अलग स्तरों पर इसकी ट्रैकिंग के लिए एक डैशबोर्ड भी बनाया जा रहा है, जिसमें जलस्रोत और अतिक्रमण दोनों की स्थिति रखी जाएगी।

