यति नरसिंहानंद बोले-गांधी समाज के लिय हैं जहर, गोडसे ने हत्या नहीं वध किया

ग्वालियर. जूना अखाड़े के डासना के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी रविवार को ग्वालियर आये। यहां वह हिन्दू महासभा कार्यालय पहुंचे और पत्रकारों से चर्चा की। इस बीच उन्होंने महात्मा गांधी को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा कि उन्हें समाज के लिये नुकसानदायक बताया और नाथूराम गोडसे द्वारा की गयी हत्या को वध करार दिया है।
नाथूराम गोडसे को बताया बलिदानी
पत्रकारों से चर्चा के बीच बताया यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा है कि उनके लिये यह सौभाग्य की बात है। वह अपने सहयोगी जयवीर भारद्वाज के निमंत्रण पर गोडसे से जुडे स्थल पर पहुंचे। वीर सावरकर की प्रतिमा को नमन किया। उन्होंने हिन्दू महासभा भवन आने को भी अपने लिये गौरवपूण्र बताया।
टगर हम सावरकर जी के सिद्धांतों पर नहीं चलेंगे तो सनातन धर्म बहुत जल्दी विनष्ट हो जायेगा। अमर बलिदानी पंडित नाथूराम गोडसे जी वह व्यक्ति थे। जिन्होंने सावरकर के बताये हुए रास्ते पर चल कर जैसे हजारों बलिदानियों ने हजारों क्रांतिकारियों ने सावरकर जी की बातों को माना है। उसी तरह से वीर विनायक सावरकर जी की बात को अमर बलिदानी पंडित नाथूराम गोड़से जी ने भी माना और गांधी का वध किया है।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी बोले- गांधी समाज के लिए जहर
महामंडलेश्वर ने कहा कि यह स्वतंत्र भारत का पहला अमूल्य बलिदान था, जो सनातन धर्म की रक्षा के लिए दिया गया। उनके अनुसार, नाथूराम गोडसे एक विचार पुंज हैं और यदि सनातन धर्म व हिंदू समाज उनका सही मूल्यांकन नहीं करेगा, उन्हें नहीं समझेगा, तो हिंदू समाज बहुत जल्दी विनष्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि गांधी समाज के लिए जहर हैं। उनके मुताबिक, गांधी और उनके जैसे नेता अपने लोगों को दूसरों के लिए धोखा देते हैं, जबकि नाथूराम गोडसे उस नस्तर की तरह हैं, जिससे उस कैंसर और जहर का इलाज किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्मियों की ओर से अब तक नाथूराम गोडसे के साथ जो हुआ, उसके लिए वे उनसे क्षमा प्रार्थी हैं।

