वेनेजुएला और ईरान के बाद डोनाल्ड ट्रम्प का अगला टारगेट है क्यूबा
नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वैश्विक राजनीति में एक नया मोर्चा खोलने के संकेत दिये है। मियामी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ईरान और बेनेजुएला के बाद अब क्यूबा की बारी हे। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया है कि अमेरिका क्यूबा के खिलाफ क्या कार्यवाही करेगा। लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा है कि मजबूत सेना कभी-कभी उपयोग करनी पड़ती है।
वेनेजुएला में निकोलस मादुरौ की सत्ता जाने के बाद क्यूबा पहले से ही गहरे आर्थिक और ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। अब ट्रम्प के बयानों ने कहा है कि वहां की सरकार की धड़कनें बढ़ा दी है। ट्रम्प ने अपनी सैनय ताकत का जिक्र करते हुए कहा है कि मैंने यह विशाल सेना बनाई है। मैने कहा था कि आपको इसका उपयोग भी नहीं करना पड़ेगा। लेकिन कभी-कभी करना पड़ता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने क्यूबा की स्थिति को फ्रेंडली टेक ओवर अधिग्रहण की संभावना बताया है। लेकिन साथ ही चेतावनी दी हैकि ऐसो न भी हो, व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चचा्र करते हुए उन्होंने कहा है कि उनके पास द्वीप के साथ कुछ भी करने की क्षमता है और वह इसे आजाद करने या कब्जा करने का सम्मान प्राप्त करना चाहते हैं। वेनेजुएला में अमेरिका समर्थित ऑपरेशन के कारण राष्ट्रपति मादुरौ को त्ता से हटना पड़ा था। हसके परिणाम स्वरूप क्यूबा को मिलने वाली तेज की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गयी है। वेनेजुएला लम्बे समय से क्यूबा का मुख्य ईधन आपूतिकर्ता था। इस आपूर्ति के बन्द होने से क्यूबा में बिजली कटौती और आवश्यक वस्तुओं की भारी किल्लत हो गयी है। जिससे वहां की सरकार पतन के करीब मानी जा रही है।

