Newsमप्र छत्तीसगढ़

अपील देरी पर हाईकोर्ट रवैया सख्त, अधिकारियों को दी चेतावनी, जमीनों के प्रकरणों में जिम्मेदारी हो तय

ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ की एकलपीठ ने सरकारी जमीन से जुडे मामलों में अपील देर से दायर करने पर सख्त टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा है कि कई प्रकरणों में अधिकारी जानबूझकर देरी करते हैं। जिससे निजी पक्षों को लाभ मिलता है। हाईकोर्ट ने साफ किया कि ऐसे मामलों में अदालत को ढाल बनाकर गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा। कलेक्टर, कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यवाही से नहीं बचेंगे।
सुनवाई में राज्य सरकार ने बताया है कि 18 मार्च 2026 के आदेश के पालन में शपथपत्र पेश किया गया है। 24 माच्र को राजस्व विभाग ने सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को सर्कुलर जारी किया है। समय पर अपील दाखिल करने के निर्देश सर्कुलर में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा गया है कि अपील समय पर दाखिल हो, अन्यथा संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि सर्कुलर को विभाग और राज्य शासन की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए, ताकि सभी अधिकारियों को जानकारी मिल सके।
7 करोड़ की जमीन मामले में देरी पर टिप्पणी
यह मामला दीनारपुर की करीब 7 करोड़ रुपए की जमीन से जुड़ा है। अपील देर से दाखिल होने के कारण शासन को नुकसान हुआ। कोर्ट ने देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानकारी मांगी। तत्कालीन एसडीएम की वेतन वृद्धि रोकने की सजा पर भी नाराजगी जताई गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *