गैगवार की संभावना को देखते हुए पुलिस ने गैंगस्टर हरेन्द्र राणा अमित यादव के घर भाड़े शूटर की सूचना पुलिस ने दी दविश
ग्वालियर. मुरार इलाके में गैंगवार की संभावना के बीच सुबह उस वक्त हड़कंप मन गया। जब पुलिस ने गैंगस्टर हरेन्द्र राणा और अमित यादव और के उसके साथियों के ठिकाने पर भारी पुलिसबल के साथ दविश दी गई। यह कार्यवाही जमीनी व्यापार के झगड़े में और फिर गैंगवार की आशंका पर की गयी। जिसमें पुलिस ने गैंगस्तर और बदमाश अमित यादव व उसके छोटे भाई आकाश पूरे घर की सघन तलाशी ली। लेकिन कुछ खास हाथ नहीं लग पाया। पुलिस दोनों पक्षों के अन्य अड्डों पर भी पहुंची। जिसमें फरियादी का भाई अमित नहीं मिला तो उसके गुर्गे भी समय रहते अंडरग्राउण्ड हो गये। पुलिस की ताबड़तोड़ दविश के बाद अब पूरे इलाके में दहशत और चर्चाओं का माहौल है।
कीमती प्लॉट पर भूमाफियाओं की नजर
मुरार के बड़ागांव स्थित अमित यादव के गोल खाते की जमीन के एक कीमती प्लॉट पर लम्बे समय से भूमाफियाओं की नजर बनी हुई है। इस जमीन को लेकर गैंगस्टर हरेन्द्र राणा और अमित यादव के बीच पहले विवाद हुआ था। फिर सहमति से सौदा हा गया। बाद में उक्त प्लॉट पर अमित का छोटा भाई आकाश अपना हक जताने लगा। इसी बीच 2 दिन पूर्व हरेन्द्र राणा अपने साथियों के साथ बड़ागांव स्थित प्लॉट पर पहुंचा तो उसका समना आकाश यादव से हो गया। जहां दोनों पक्षों के बीच मुंहवाद हो गया। घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता देख गैंगवार की आशंका जताई है।
पुलिस की स्पेशल टीम ने दी दविश
टकराव की संभावना को देखते हुए पुलिस ने रविवार की सुबह एहतियातन काय्रवाही करते हुए गैंगस्टर के घर स्पेशल टीम के साथ दविश दी। इस टीम को लीड आईपीएस अनु बेनीवाल ने किया। जिसमें टीआई अमरसिंह सिकरवार, टीआई आलोक परिहार समेत क्राइम ब्रांच पुलिस भी शामिल रहीं। ज बवह नहीं मिला तो उसके अन्य ठिकानों पर भी पुलिस पहुंची। लेकिन खाली हाथ लौट आयी। इसके साथ ही पुलिस ने फरियादी पक्ष का आपराधिक रिकॉर्ड होने पर भी उनके अड्डों पर दविश दी गयी तो फरियादी को छोड़ कर बाकी गायब मिले।

