धर्म बदलते ही खत्म होगा SC का दर्जा, ईसाई या मुस्लिम बनने पर क्यों छिन जाता है पुराना स्टेटस
नई दिल्ली. सुप्रीमकोर्ट ने मंगलवार को अनुसूचित जाति के स्टेट्स पर एक ऐतिहासिक फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई भी ऐसा व्यक्ति जो हिन्दू धर्म, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को मानता है उसे अनुसूचित जाति (शेड्यूल कास्ट) का नहीं माना जायेगा। सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा है कि हिन्दू, सिख या बौद्ध धर्म को मानने वाला अनुसूचित जाति (एससी) का कोई व्यक्ति अगर किसी अन्य धर्म में धर्मान्तरण करता है तो उसका अनुसूचित जाति का दर्जा तत्काल और पूरी तरह से समाप्त हो जायेगा।
इसका मतलब है यह है कि अगर अनुसूचित जाति (एससी) का कोई व्यक्ति जो पहले हिन्दू धर्म, सिख या बौद्ध धर्म को मानता था। अगर ऐसा व्यक्ति धर्म परिवर्तन करता है और इस्लाम या क्रिश्चयन धर्म को अपनाता है तो उसका एससी का दर्जा समाप्त हो जायेगा। सुप्रीमकोर्ट ने इसके साथ ही आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश बरकरार रखा। जिसमें यह कहा गया था कि यदि कोई व्यक्ति ईसाई धर्म अपना लेता है और सक्रिय रूप् से उस धर्म को मानता तथा उसका पालन करता है तो उसे अनुसूचित जाति समुदाय का सदस्य नहीं माना जा सकता है।

