युद्ध जारी है ईरान ने यूएई और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को फिर से किया टारगेट

नई दिल्ली. ईरान ने शनिवार को युद्ध के 49वें दौर में ऑपरेशन टू प्रॉमिस-4 शुरू किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भारी मिसाइलों और ड्रोन से संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और कुवैत में 3 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अटैक किया है। इससे पहले दिन में 47वें और 48वें दौेर में ईरान ने इजरायली ठिकानों और क्षेत्र के अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया हे। ईरान का कहना है कि यह जवाबी हमले अमेरिका-इजरायल के लगातार हमलों के खिलाफ है।
खार्ग द्वीप पर अमेरिका का हमला-90 से अधिक सैन्य ठिकाने तबाह
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर बड़े पैमाने पर हमले किये हैं। द्वीप पर 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया है। इनमें नेवल माइन स्टोरेज, मिसाइल बंकर और कई अन्य सैन्य सुविधायें पूरी तरह नष्ट हो गयी है। लेकिन तेल संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर को जानबूझ कर बचाया गया। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया है कि खार्ग द्वीप पर स्थिति अब नियंत्रण में है। हमले के तुरंत बाद द्वीप की एयर डिफेंस सिस्टम फिर शुरू कर दी गयी। हमलावर अपने मकसद में असफल रहे।
इजरायल ने 2 सीनियर ईरानी अधिकारियों को मार गिराया
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया है कि तेहरान पर हवाई हमले में खातम अल-अनबिया इमरजेंसी कमांड के 2 वरिष्ठ अधिकारी अब्दोल्लाह जलाली-नासब और अमीर शरीअत मारे गये। इजरायल ने पिछले 24 घंटों में ईरान के पश्चिमी और मध्यभाग में 200 से अधिक इंफ्रास्ट्रक्चर साइटों पर हमले किये। इनमें दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर (कुछ तो लोडेड और फायर करने के लिये तैयार थे)। एयर डिफेंस सिस्टम, लांच पैड और हथियार स्टोरेज सुविधायें शामिल थी। इजराइल का कहना है कि यह हमले ईरान की मिसाइल क्षमता को कमजोर करने के लिये किये गये है।
युद्ध का पूरा ताजा अपडेट और स्थिति
इस युद्ध में अब ईरान लगातार जवाबी हमले कर रहा है। जबकि अमेरिका और इजरायल सैन्य ठिकानों पर फोकस्ड स्ट्राइक्स जारी रखे हुए है। खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले के बावजूद ईरान ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस फिर सक्रिय हो गई है। दोनों तरफ से सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन इस्तेमाल हो रहे है। सऊदी अरब और UAE जैसे खाड़ी देश भी अब सीधे प्रभावित हो रहे है। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है और दोनों पक्ष आगे के हमलों की तैयारी में लगे है। तेल कीमतें बढ़ रही हैं और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है।

