अब 11 मिनट में कार होगी कार फुल चार्ज, चीन ने विकसित की तकनीकी, दूर होगी चार्ज करने की परेशानी
नई दिल्ली. इलेक्ट्रिक कारों को दुनिया भर में बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि अभी भी भारी तादाद में इन्हें ग्राहक नहीं मिल रहे है। इसकी सबसे बड़ी वजह है बैटरी को चार्ज होने में लगने वाला समय और ईवी की रेंज है। जहां पेट्रोल या डीजल कार में कहीं भी फ्यूल डलवाया जा सकता है। वहीं ईवी के चार्जिंग स्टेशन भी कम है।
इसके अलावा ईवी को चार्ज करने में लगने वाला समय अधिक है। इसका समाधान चीनी ऑटोमोबाइल कम्पनी बीजिंग ऑटोमोटिव ग्रुप कम्पनी लिमिटेड (बीएआईसी) ने तलाश लिया है। बीएआईसी ने सोडियम-आयन बैटरी टेक्नोलॉजी के डवलपमेंट में एक अहम कामयाबी का ऐलान किया है। बीएआईसी चीन का एक प्रमुख कार निर्माता है। कम्पनी इलेक्ट्रिक और आईसीई दोनों तरह की कार्स बनाती है। कम्पनी के रीसर्च डिवीजन केअनुसार एक प्रोटोटाइप सोडियम -आयन बैटरी विकसित की गयी है। जिसकी एनर्जी डेंसिटी 170 व्हाटप्रति किलोग्राम है। यह बैटरी 4सी फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। इसे फुल चार्ज होने में महज 11 मिनट का समय लगेगा। यह चार्जिंग टाईम टेस्टिग कंडीशन का है। रीयल वर्ल्ड में चार्जिंग का समय ज्यादा हो सकता है। इस सिस्टम को अलग-अलग तापमान पर काम करने के लिये डिजाइन किया गया है।
कई कंपनियां कर रही हैं काम
बीएआईसी (BAIC) ने इस प्रोग्राम से जुड़े लगभग 20 पेटेंट फाइल किए है। ये पेटेंट्स मटेरियल, सेल डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग प्रॉसेस और टेस्टिंग से जुड़े है। कंपनी चार्जिंग स्ट्रैटेजी, इलेक्ट्रोकेमिकल मॉडलिंग और बैटरी डिग्रेडेशन पर भी काम कर रही है। दूसरी चीनी कंपनियां भी इस टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रही है। फरवरी 2026 में चांगान ऑटोमोबाइल और सीएटीएल ने पहली मास-प्रोड्यूस्ड सोडियम-आयन इलेक्ट्रिक कार पेश की है। इसमें 45 kWh की बैटरी और 400 किमी से ज्यादा की रेंज का दावा किया गया है। ये कार 2026 मिड तक बाजार में लॉन्च हो सकती है.BAIC (बीजिंग ऑटोमोटिव ग्रुप कंपनी लिमिटेड) की बात करें, तो कंपनी ने अभी तक अपनी सोडियम-आयन बैटरी के कमर्शियल लॉन्च की जानकारी नहीं दी है। फिलहाल ये टेक्नोलॉजी प्री-कमर्शियल स्टेज में है।
लो टेम्परेचर में भी करेगी काम
इसे -40 डिग्री सेल्सियस से 60 डिग्री सेल्सियस तक काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी का दावा है कि -20 डिग्री सेल्सियस पर भी बैटरी रिटेंशन लगभग 92 परसेंट है। ये दिखाता है कि कम तापमान में भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी ने बताया है कि बैटरी ने इंटरनल वैलिडेशन टेस्टिंग को पास कर लिया है। थर्मल टेस्टिंग में 200 डिग्री सेल्सियस तक के टेम्परेचर पर भी बैटरी स्टेबल थी. ये सोडियम-आयन बैटरी कंपनी की अरोरा बैटरी प्रोग्राम का हिस्सा है। इसमें लिथियम आयन बैटरी, सॉलिड स्टेट और सोडियम आयन बैटरी शामिल है। कंपनी ने प्रिजमैटिक सोडियम-आयन सेल्स के लिए मास प्रोडक्शन प्रॉसेस वैलिडेशन भी पूरा कर लिया है।
पूरे चीन में सोडियम आयन बैटरियों को एडिशनल सॉल्यूशन के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर कम लागत और ठंडे मौसम वाले यूजेज के लिए. लिथियम-आयन फॉस्फेट बैटरियों की तुलना में, सोडियम-आयन बैटरियों में रॉ मैटेरियल आसानी से मिल जाता है।साथ ही इनकी कोल्ड-वेदर परफॉर्मेंस बेहतर होती है।हालांकि एनर्जी डेंसिटी के मामले में ये अभी पीछे है।

