आरोग्य भारती के सम्मेलन बोले सिंधिया-हमारा धर्म एक धर्म ही नहीं बल्कि दर्शनशास्त्र है जो जीवन जीना सिखलाता है
ग्वालियर. आरोग्य भारती के 2 दिवसीय प्रतिनिधि मंडल सम्मेलन के दूसरे दिन आयोजित समापन समारोह में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे हैं। सिंधिया ने कहा है कि हमारा देश केवल एक देश नहीं है। हमारा धर्म सिर्फ एक धर्म नहीं है। बल्कि दर्शनशास्त्र है। जो जीवन को किस तरीके से जिया जाये इसका परिचय है। यह परिचय केवल भारतवासियों के लिये ही नहीं है। यह विश्व के 800 करोड़ लोगों के लिये आज के आधुनिक युग में उतना ही महत्वपूर्ण है।
ठतिहास में देखें तो रामायण से महाभारत तक एक-एक अध्याय, एक-एक घटना में स्वास्थ्य और सेवा दोनों का संदर्भ दिया जाता है और साथ ही सिंधिया ने सम्मेलन के शुभारंभ दिवस पर न आ पाने के लिये क्षमा भी मांगी। उनका कहना था कि 21 सितम्बर को उनकी आजी अम्मा राजमाता साहब का श्राद्ध था जिस वजह से वह नहीं आ सके।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में आयोजित हुए आरोग्य भारती के अखिल भारतीय प्रतिनिधि मंडल सम्मेलन के दूसरे दिन समापन कार्यक्रम में शामिल होने केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर पहुंचे। इस दौरान कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित सभा को भी उन्होंने संबोधित करते हुए आरोग्य भारतीय संगठन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की साथ ही भाषण में उस शख्सियत के बारे में भी बताया, जिसने उन्हें पढ़ाई के साथ जीवन के गुरुमंत्र दिए। इस मौके पर मंच पर आरोग्य भारती के सदस्य व अध्यक्ष सहित प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, भितरवार विधायक मोहन सिंह राठौर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। यहां सम्मेलन के दूसरे दिन के कार्यक्रम का दीप प्रज्जलवन कर केन्द्रीय मंत्री ने शुभारंभ किया। इसके बाद वहां कार्यक्रम में आए सभी आरोग्य भारती से जुड़े सदस्य व पदाधिकारियों से बातचीत की।
संस्था के कार्यक्रम में शामिल होना मेरा सौभाग्य- सिंधिया
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित हुई सभा को संबोधित किया। केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान कहा कि उन्हें इस संस्था का भाग बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, वो संस्था जो पूरे भारत में कार्य कर रही है। इस संस्था की जितनी प्रशंसा हम करें आज कम है। आज इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर कुछ सुझाव दिए हैं।

