21 सितंबर से कक्षा 9 से 21 के लिए आंशिक रूप से खुल सकते है स्कूल, सरकार ने गाइडलाइन जारी की

नई दिल्ली. अनलॉक-4 में स्कूलों को खोले जाने की चर्चाओं के बीच सरकार ने आज बड़ी घोषणा की है। आने वाले दिनों में स्कूलों को कक्षा 9 से 12वीं तक के छात्रों को स्कूल बुलाया जा सकता है। इस संबंध में आज सरकार ने नई (एसओपी) जारी कर दी है। इसके अनुसार स्कूलों में 9 से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्वैच्छिक आधार पर उनके शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए शैक्षणिक गतिविधियों को आंशिक रूप से फिर शुरू करना होगा।
अनुमति 21 सितंबर से दी जाएगी
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना हे कि यह अनुमति 21 सितंबर से दी जाएगी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 21 सितंबर से शुरू होने वाले स्वैच्छिक आधार पर कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए स्कूलों को फिर से खोलने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।
स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी जारी की
5 महीने से अधिक समय से बंद स्कूल अब चरण तरीके से खुलने जा रहे है। इसके लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी जारी की है। इसके बारे में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्वैच्छिक आधार पर कक्षा 9 से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूलों में शिक्षण गतिविधियों की आंशिक बहाली के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की। भारत सरकार चरण बद्ध तरीके से अनलॉकिंग में गतिविधियों पर जोर दे रही है। आने वाले दिनों में यह अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्वैच्छिक आधार पर कक्षा 9 से 12वीं के छात्रों के लिए स्कूलों में गतिविधियों को आंशिक रूप से फिर से शुरू करने के लिए 21 सितंबर 2020 से अनुमति दी जाएगी।
इन बातों का रखना होगा ध्यान
21 सितंबर को फिर से खुलने वाले सभी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों के तापमान की जांच के लिए स्कूल के दरवाजों पर थर्मल गन होनी आवश्यक हैं। खोलने से पहले, स्कूल कक्षाओं को पूरी तरह से साफ कर देंगे और सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा 9 से 12 के छात्रों को शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्वैच्छिक आधार पर अपने स्कूल जाने की अनुमति होगी। यह उनके माता-पिता/अभिभावकों की लिखित सहमति के अधीन होगा। इस तरह की यात्राओं और शिक्षक-छात्र बातचीत को एक आयोजित किया जाना चाहिए।

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