जिला न्यायालय का भवन 31 मार्च तक  पूर्ण होने की संभावना

ग्वालियर सिटीसेंटर में कलेक्ट्रंट के पास बनकर तैयार हो रहे नवीन जिला न्यायालय भवन को भव्य और आकर्षक बनाने के लिये चल रहे काम में तेजी आ गयी है। 31 मार्च तक जिला न्यायालय भवन को पूर्ण कराने के लिये इस वक्त तैयारी चल रही है। वहीं जिला न्यायालय को मिली 2 एकड़ अतिरिक्त भूमि पर बाउण्ड्री बनाने का काम शीघ्र ही शुरू होगा। इस जमीन को फिलहाल समतल किया जा रहा है। भविष्य में इस जमीन पर मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण होगा। जिला न्यायालय के सभी कोट्र रूम वातानुकूलित बनाये जायेंगे। इसके लिये अलावा यह भवन फसाड लाइट से जगमगायेगा। न्यायालय में प्रवेश के लिये चार गेट होंगे।
इनमें मुख्य गेट केवल न्यायाधीशों के आने-जानंे के लिये रहेगा। न्यायालय को मिली अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। यहां संचालित गैरेज खाली हो चुका है। न्यायालय परिसर में इस वक्त गार्डन तैयार हो रहा है। यहां विभिन्न प्रकार के पौधे लगाये जा चुके हैं। भवन पर कलर होने से अब धीरे-धीरे यह अपना रूप लेता जा रहा है। मुख्य द्वार को आकर्षक बनाने के लिये भी काम चल रहा है। यहां बन रहे पार्क में यहां 3 हाईमास्ट 226 स्ट्रीट लाइटें भी लगाई जायेगी। न्यायालय में होने वाले अतिरिक्त कार्य पर कुल 5.37 करोड़ रूपये खर्च होना है। इसका प्रपोजल शासन स्तर पर स्वीकृति होते ही यह कार्य प्रारंळभ हो जायेंगे।
मल्टीलेवल पार्कि्रग का प्रस्ताव शासन को भेजा जायेगा
न्यायालय के लिये मिली 2 एकड़ अतिरिक्त जमीन पर जी प्लस 2 मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जायेगा। उच्च न्यायालय इस संबंध में पूर्व में आदेश दे चुका है। इस आदेश के क्रियान्वयन के लिये स्थानीय स्तर पर इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जायेगा। इसकी मंजूरी मिलते ही इसका निर्माण शुरू हो जायेगा।
जाम से मिलेगी इंदरगंज चौराहा को मुक्ति
जिला न्यायालय भवन वर्तमान में इंदरगंज में संचालित है। यहां न्यायालय के समय के दौरान आने वाले वाहनों के की वजह से इंदरगंज चौराहा पर हमेशा जाम लगा रहता है। इसका सबसे बड़ा कारण यहां जाने वाले वाहनों की संख्या अधिक है। यह वाहन चौराहे के चारों ओर खड़े कर दिये जाते है। इस वजह से यहां जाम की स्थिति लगी रहती है। यहां से न्यायालय के सिटी सेंटर में शिफट होने के बाद ही यहां होने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।
जिला न्यायालय के भवन निर्माण कार्य 2009 से चल रहा है
जिला न्यायालय भवन वर्ष 2009 से बन रहा है। किसी न किसी वजह से इसके निर्माण में विलम्ब होता जा रहा है। यह तब हुआ है जबकि इस भवन को लेकर उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका लंबित है और इस पर उच्च न्यायालय द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। जनहित याचिका के चलते उच्च न्यायालय द्वारा निरन्तरदिये जा रहे निर्देशों के परिणामस्वरूप ही न्यायालय को आवश्यकता के अनुरूप जगह मिल सकी है। यह याचिका एडवोकेट आनंद भारद्वाज द्वारा एडवोकेट राजू शर्मा के माध्यम से प्रस्तुत की थी।
जिला न्यायालय भवन के निर्माण कार्य 31 मार्च तक पूरा करने के लिये काम को और तेज किया गया हे। यहां चल रहे काम पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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