फूलबाग से किले पहुंचने के लिए 2 साल में होगा तैयार रोप वे, टेंडर जारी हुआ
ग्वालियर. लंबे समय से रोपवे बनने का सपना देख रहे शहरवासियों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि अब नए रोपवे के लिए टेंडर जारी हो गया है। इसके लिए 127.32 करोड़ रुपए का एस्टीमेट रखा गया है। यह टेंडर 17 फरवरी को खोले जाएंगे उसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। टेंडर खोलने के बाद जिस कंपनी को यह काम मिलेगा उसे 24 महीने पूरा करके टेना होगा। इस परियोजना का पूरा काम नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की सहयोगी संस्था नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी (एनएचएलएम) देख रही है।
चिडियाघर के पास ही बनेगा लोअर टर्मिनल
रोपवे के इस नए प्रोजेक्ट में लोअर टर्मिनल तो जू के पास पुरानी जगह पर ही रखा गया है लेकिन अपर टर्मिनल की साइड और उसे वहां तक पहुंचाने का रास्ता बदल दिया है। पहले अपर टर्मिनल सिंधिया स्कूल के पीछे बनाया जा रहा था लेकिन अब नया टर्मिनल उरवाई गेट से किले पर पहुंचने वाले रास्ते के पास में बनाया जाएगा। पहले रोपवे की ट्रॉली गांधी उद्यान के ऊपर होती हुई किले तक जा रही थी। नए प्लान में रोपवे की ट्रॉली अब खेड़ापति कॉलोनी, गोपाचल पर्वत और सिंधिया स्कूल के ऊपर से होती हुई अपर टर्मिनल तक पहुंचेगी। इसके रास्ते का पूरा सर्वे कर लिया गया है।
पिलर और लंबाई दोनों बढ़ेंगे
रोप वे बनाने के लिए पहले जिस कंपनी द्वारा काम किया जा रहा था उसके लिए लोअर और अपर टर्मिनल के अलावा तीन पिलर का डिजाइन तैयार किया गया था। लेकिन अब नए डिजाइन में लोअर और अपर टर्मिनल के अलावा 8 पिलर के माध्यम से इसको संचालित किया जाएगा। पूर्व में तैयार किए जाए रोप वे की लंबाई लगभग आधा किलोमीटर थी लेकिन अब नए रोप वे की लंबाई 1.8 किलोमीटर रहेगी। जहां पर यह पिलर बनने हैं वहां की मिट्टी की परीक्षण कर लिया गया है। यह पिलर कितनी गहराई तक रहेंगे इसके लिए डिजाइन तैयार किया जा रहा है।
हम जल्द से जल्द प्रोजेक्ट पूरा करेंगे
फूलबाग से किले तक रोप वे बनाने के लिए हमने प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रोजेक्ट के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। कुछ डिजाइन तैयार होने है, उप पर अभी काम चल रहा है। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द इस प्रोजेक्ट को पूरा करें।
गौरांग गर्ग, डिप्टी मैनेजर, नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट

