रेलवे की ब्राॅडगेज लाइन पर सबलगढ़ से वीरपुर तक बनाए जाएंगे 8 बड़े पुल और 35 छाेटी पुल-पुलिया

श्योपुर. जमीन के अधिग्रहण से आगे नहीं बढ़ रहा रेलवे ब्रॉडगेज कन्वर्जन का काम अब जल्द ही जिले की सीमा में भी धरातल पर उतरता हुआ दिखाई देगा। ऐसा इसलिए कि सुमावली से सबलगढ़ तक काम कर रही आईएससी कंस्ट्रक्शन कंपनी सबलगढ़ से वीरपुर तक का काम भी जल्द ही शुरू करने वाली है। हालांकि वीरपुर से श्योपुर तक के करीब 70 किमी के ब्रॉडगेज कन्वर्जन के लिए छह माह इंतजार करना होगा। अभी रेलवे ने जो टेंडर लगाए है उसमें वीरपुर तक के लिए ही काम दिया गया है। इसमें से पहला वर्क ऑर्डर कंस्ट्रक्शन कंपनी को 245 करोड़ और दूसरा 180 करोड़ रुपए का जारी किया गया जिसके बाद कंपनी ने सबलगढ़ तक काम करना शुरू कर दिया है रेलवे के इंजीनियर आकाश यादव के अनुसार सबलगढ़ से वीरपुर तक में भी काम इसी माह में शुरू कर दिया जाएगा। यह दूरी कुल 27 किमी है जिसमें 8 बड़े ब्रिज और 35 छोटी पुल पुलियाओं का निर्माण कार्य होगा। लेकिन वीरपुर से श्योपुर के बीच में जो 70 किमी का काम होना है उसके लिए अभी इंतजार करना होगा।

जो करीब 605 करोड़ रुपए से होगा प्रस्तावित है। बताया जा रहा है कि इसके भी दो टेंडर होंगे। पहला टेंडर 305 करोड़ रुपए से वीरपुर से सिरोनी रोड़ तक के लिए होगा। दूसरा टेंडर 360 करोड़ रुपए से सिरोनी से श्योपुर तक के लिए होगा। इसके लिए डीपीअार अनुसार टेंडर मगाए जाने की प्रक्रिया रेल मंडल झांसी के द्वारा की जा रही है। इस काम में कम से कम छह माह का समय लग सकता है। और धरातल पर काम जनवरी 2023 तक में ही अा सकेगा।

रेलवे ने मांगी जमीन के लिए अवार्ड पारित
ग्वालियर श्योपुर कन्वर्जन और दीगोद तक नवीन रेलवे लाइन िबछाए जाने के रेलवे के इस प्रस्ताव में अभी तक श्योपुर तक का काम तो धरातल पर शुरू होने की प्रक्रिया चल पड़ी है लेकिन श्योपुर और दीगोद की 94 किमी क्षेत्र में नई लाइन बिछाने को लेकर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिस कारण से श्योपुर लाइन के कोटा से जल्द जुड़ने का काम अभी खटाई में बना हुअा है। अभी तक तो इस 94 किमी की नवीन रेलवे लाइन का काम किस जोन के द्वारा कराया जाएगा पूरी तरह से यही साफ नहीं है।

रेलवे लाइन के लिए जिले के 45 गांव में भूमि अधिग्रहण हुआ
जिले में कुल 45 गांव में रेलवे के लिए भूमि का अधिग्रहण किया है। इसमें श्योपुर तहसील के 14 कराहल के दो गांव शामिल हैं। जबकि वीरपुर तहसील के 29 गांव शामिल हैं। जिला प्रशासन द्वारा बताया गया है कि रेलवे को 44 गांव में 171646 भूमि के अधिग्रहण का अवार्ड पारित कर दिया जा चुका है इसी तरह से 45 गांव में 116408 हेक्टेयर शासकीय भूमि का अधिग्रहण करते हुए उसको रेलवे को साैंपा जा चुका है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट पर करीब 3000 करोड़ रुपए का खर्चा होना है जिसमें से बजट में रेलवे को परियोजना को गति देने के लिए 700 करोड़ रुपए की राशि दी गई है और इसी के बाद ग्वालियर से शुरू होकर सबलगढ़ तक काम शुरू हो गया है।

वीरपुर तहसील के अभी एेसे तीन गांव शेष रह गए हैं जिनमें रेलवे ने और अधिक भूमि अधिग्रहण किए जाने की मांग की गई है जिनमें कि जिला प्रशासन ने अवार्ड पारित करने तक की प्रक्रिया पूरी कर ली है अब रेलवे से राशि मिलने के बाद इनका अधिग्रहण करते हुए जमीन का अाधिपत्य रेलवे को दे दिया जाएगा और यहां पर काम शुरू हो सकेगा। बता दें कि रेलवे ने श्यारदाए वेनीपुरा और जाखेर गांव में 1272 हेक्टेयर निजी जमीन का अधिग्रहण और किए जाने की अावश्यकता जताई है। जिसकी प्रक्रिया अवार्ड तक हो गई हैए शेष प्रक्रिया पूर्व में ही पूरी हो चुकी है।

 

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