इमरती देवी-एक लाख की जीत का दवा करने वाली इमरती देवी अपनी ही सीट नहीं बचा पाई

ग्वालियर. मप्र विधानसभा उपचुनाव में शिवराज सरकार में मंत्री इमरती देवी अपनी सीट नहीं बचा पाई है और उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे ने 7663 मतों से करारी शिकस्त दी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया की कट्टर समर्थक इमरती देवी को रिश्ते में उनके समधि सुरेश राजे ने पटखनी दी है। यह सीट इमरती देवी के इस्तीफे से खाली हुई थी। कांग्रेस से बगावत करने वाली इमरती देवी को भाजपा ने यहां से टिकट दिया था जबकि कांग्रेस ने कभी भाजपा से चुनाव लड़ने वाले सुरेश राजे को मैदान में उतारा था। सुरेश राजे कुल 75689, जबकि इमरती देवी को 68056 वोट मिले और सुरेश राजे ने 7663 वोटों से जीत दर्ज की।

बीजेपी प्रत्याशी के हार के कारण
लगातार तीन बार जीतने के बाद भी विधानसभा क्षेत्र की कई समस्याओ का हल न होना
दल बदलने को लेकर जनता में नाराजगी, चुनाव के दौरान टिकाऊ और विकाऊ का मुद्दा
बीजेपी के जमीनी नेताओं की नाराजगी

कांग्रेस प्रत्याशी की जीत के कारण 
दलित वोटों का कांग्रेस की तरफ झुकाव
सहज और सरल मिलनसार छवि
कांग्रेसी नेताओं और बीजेपी के नाराज नेताओं का अंदरूनी साथ मिलना

डबरा विधानसभा सीट से इमरती देवी 2008 से कांग्रेस के टिकिट पर लगातार तीन चुनाव जीतती आ रही थीं । हर चुनाव में उनकी जीत का मार्जिन भी बढ़ता गया । 2018 के चुनाव में इमरती देवी ने बीजेपी के कप्तान सिंह को 57 हजार 446 हराया और कमलनाथ सरकार में मंत्री बनाई गईं । बाद में सिंधिया की बगावत के साथ ही उन्होंने विधायकी से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया। तोहफे में उन्हें शिवराज सरकार में भी मंत्री पद दिया गया था, लेकिन उपचुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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