जम्मू कश्मीर में बनाई गयी जोजिला टनल फायनल ब्रेकथ्रू पूरा, लद्दाख -श्रीनगर के बीच सीधा होगा जुडाव

श्रीनगर. भारत के लिये राष्ट्रीय सुरक्षा और स्ट्रेटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से आज का दिन एक नया इतिहास रचने जा रहा है। दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर बन रही आधुनिक तकनीक की नायाब मिसाल ‘‘जोजिला टनल’’ का आज मंगलवार 9 जून 2026 का अपना आखिरी ‘ब्रेक थ्रू’ हासिल होगा।

केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी स्वयं इस ऐतिहासिक ब्लास्ट और अंतिम ब्रेकथ्रू के मौके पर मौजूद रहेंगे। नेशनल हाइवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के अधिकारियों के अनुसार यह बड़ी कामयाबी तय समय से 6 माह पहले ही हासिल कर ली गयी है। टनल निर्माण में ब्रेकथ्रू का मतलब पहाड के अन्दर आर-पार रास्ता खुल जाना है। जब इंजीनियर और मजदूर पहाड़ के दोनों छोरों से एक साथ खुदाई शुरू करते है। बीच में आकर दोनों रास्ते आपसस में मिल जाते है। उसे ब्रेकथ्रू कहते हैं।

एशिया ही नहीं, दुनिया के इतिहास में नंबर-1 बनेगी ये टनल- गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस ब्रेकथ्रू को भारतीय इंजीनियरिंग के इतिहास का एक सुनहरा पन्ना बताया. उन्होंने कहा, ‘आज का दिन भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर के इतिहास का सुनहरा दिन है. क्योंकि ये टनल 14 किलोमीटर लंबी है और स्टेट ऑफ आर्ट हैं। मुझे अभी बताया गया कि अब तक हम इसे एशिया का सबसे लंबा टनल कह रहे थे. लेकिन ये वर्ल्ड के इतिहास में भी नंबर 1 पर जाएगा, ये जानकर मुझे बहुत खुशी है. ये लेह और लद्दाख के लोगों के लिए लाइफलाइन हैं।’
सिन्हा ने सुरंग के निर्माण में जुटे कार्यबलों की तारीफ करते हुए आगे कहा, ‘मैं इस प्रोजेक्ट में काम करने वाले सभी इंजीनियरों को बधाई देता हूं । जिन्होंने इतनी ऊंचाई पर मुश्किल परिस्थितियों में काम किया है. हम सभी जानते हैं कि कनेक्टिविटी से ही विकास होता है. पिछले 12 सालों में इस क्षेत्र में बहुत काम हुआ हैं।

