बिहार में पिता मौलवी तो बेटा यूपी में पुजारी, मेरठ में कासिम कृष्ण बनकर कर रहा था मंदिर में पूजा
मेरठ. यूपी के मेरठ में एक हैरान करने वाला मामला खुलासा हुआ है। यहां बिहार के एक मौलवी का बेटा मोहम्मद कासित स्वयं को कृष्ण बताकर मंदिर में रह रहा था और पूजा-पाठ कर रहा था। एक साल तक पहचान छिपाकर मंदिर में रह रहे युवक का खुलासा उस समय हुआ। जब मंदिर परिसर में आये कुछ लोगों को उस पर शक हुआ। पूछताछ में उसे सच स्वीकार कर लिया। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
जब कुछ ग्रामीणों को उसके व्यवहार पर शक हुआ तो उससे पहचान के लिये आधार कार्ड मांगा ताक वह पहले तो बहानेबाजी करता रहा। फिर कुछ समय के लिये गांव से गायब हो गया। बाद में अचानक मंदिर में दोबारा आकर रहने लागा। इस बीच एक बार फर उसके व्यवहार पर लोगों को शक हुआ और अंततः उसकी असलियत सामने आ गयी।
पुलिस जांच में सामने आई असलियत
पुलिस मौके पर पहुंची और युवक से सख्ती से पूछताछ की। शुरूआती पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद कासिम बताया और स्वीकारकिया िकवह मूलतः बिहार का निवासी है। यहीं नहीं, उसने यह भी स्वीकार किया कि उसके पिता कानाम अब्बास है। जो बिहार में मौलवी है। पुलिस के अनुसार कासिम कई माह से मंदिर में रह रहा था। दान-पुण्य की राशि को भी अपने व्यक्तिगत उपयोग में ला रहा था। एसपी सिटी मेरठ आयुष विक्रम सिंह ने बतायाकि थाना दौराला इलाके स्थित एक मंदिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति की पहचान मोहम्मद कासित निवासी बिहार के रूप में की गयी। उसने अपना नाम बदलकर कृष्ण रख लिया था। मंदिर में रहकर पूजा-पाठ के नाम पर दान-दक्षिणा भी एकत्र कर रहा था। पुलिस ने बताया कि मंदिरी से दान की गयी राशि के गलत उपयोग और धार्मिक पहचान छिपाकर आस्था से खिलवाड़ करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
बिहार से सत्यापन जारी
पुलिस ने आरोपी के दावों की पुष्टि के लिए बिहार पुलिस से संपर्क साधा है और उसके निवास की जांच कराई जा रही है । पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह कोई सुनियोजित साजिश थी या किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए की गई धोखाधड़ी । एसपी सिटी ने स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में कोई और व्यक्ति भी संलिप्त पाया गया या अगर कोई संगठित प्रयास नजर आता है, तो उस दिशा में भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

