फांसी की सजा भिंड़ के अंकुर दीक्षित को , 4 नाबालिग, महिला की थी हत्या

भिंड़. वीरेंद्र नगर इलाके में 1 महिला और 4 नाबलिगों की निर्दयतापूर्वक हत्या करने वाले अंकुर दीक्षित को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एमएल राठौर ने फांसी की सजा सुनाई। युवक ने एक के बाद एक 5 लोगों की गला रेत कर हत्या की थी। डीपीओ प्रवीण दीक्षित ने बताया कि 14 मई 2016 को वीरेंद्र नगर ने शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके घर के अंदर बहू रीना, नातिन छवि, महिमा व रीना की भतीजी अंबिका मृत अवस्था में पड़ी थी उनके नाक से झाग आ रहा था और गले कटे हुए थे। दूसरे कमरे में उनके साले राजकुमार के बेटे गोलू की लाश पड़ी थी। इस वारदात के बाद कोतवाली पुलिस ने हत्या का माला दर्ज कर पड़ताल शुरू की थी।
इच्छा की पूर्ति न होने पर किसी को भी मार सकता है- कोर्ट
जो व्यक्ति एक महिला के साथ संबंध होने के कारण 4 छोटे बच्चों और रीना की हत्या कर सकता है वह व्यक्ति भविष्य में अपनी इच्छा की पूर्ति न होने पर किसी भी व्यक्ति को मार सकता है उसमें सुधार होने की कोई संभावना नहीं है ऐसे व्यक्ति को समाज में जीवित छोड़ना अन्य व्यक्तियों की जान और समाज को असुरक्षित करना है। इस अपराध की पृष्ठभूमि में आजीवन कारावास का दंडादेश अपर्याप्त प्रतीत होता है और उससे न्याय की मंशा पूर्व नहीं होती क्योंकि आरोपी का यह आपराधिक कृत्य विरलतम की श्रेणी में आता है।
एसपी नवनीत भसीन की अहम भूमिका
वर्तमान में ग्वालियर एसपी नवनीत भसीन ने इस अंधे हत्याकांड के खुलासे के लिए वैज्ञानिक ढंग से जांच कराई और एफएसएल अधिकारी डॉ. अजय सोनी ने भौतिक साक्ष्यों को बारीकी से परीक्षण किया। एसपी नवनीत भसीन ने स्वयं व्यक्तिगत रूचि लेकर विवेचक कोतवाली टीआई आसिफ मिर्जा बेग के माध्यम से गहन जांच कराई।

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