भीमसिंह यादव, अंर्तराज्यीय बदमाष अजय जडेजा गिरफ्तार

ग्वालियर. 7 दिसम्बर को थाना महाराजपुरा क्षेत्रान्तर्गत लक्ष्मणगढ़ पुल के पास से पेशी से वापस आ रहे आरोपी भीमा यादव के पुलिस अभिरक्षा से भाग जाने और भोपाल पुलिस के जवानों से दो इंसास रायफल लूटने वाले बदमाश अपने साथियों तथा यूपी के कुख्यात इनामी बदमाश के साथ दो गाडि़यों एक सफेद रंग की क्रेटा तथा एक इंडिगों कार में बैठकर झांसी की ओर से हाईवे होकर भिण्ड की ओर किसी गंभीर बारदात को अंजाम देने के लिये जाने वाले हैं। एसपी ग्वालियर ने तत्काल एएसपी अपराध पंकज पाण्डे को क्राईम ब्रांच की टीम गठित कर बदमाशों की घेराबंदी कर पकड़ने के निर्देश दिये।
क्या है पूरा मामला
15 मार्च की सुबह क्राईम ब्रांच थाना प्रभारी एसआई विनोद छावई द्वारा मय अपनी टीम के जौरासी घाटी पर पहुंचकर झांसी की तरफ से आने वाले वाहनों पर निगाह रखी गई। सुबह के समय झांसी की तरफ से मुखबिर के बताये अनुसार क्राईम टीम को 2 गाडि़या आती हुई दिखाई दी, जिन्हे टीम द्वारा रोकने का प्रयास किया गया लेकिन पुलिस टीम को देखकर दोनों गाडि़यों में बैठे बदमाशों ने कार को भगाकर ले जाने का प्रयास किया। इंताजर कर रही क्राईम ब्रांच के जवानों ने दोनों गाडि़यों को रोक लिया, गाड़ी रूकते ही बदमाश उतरकर भागने लगे। क्राईम ब्रांच के जवानों ने भाग रहे बदमाशों को धरदबोचा। दोनों गाडि़यों में बैठे सभी 6 बदमाशों को क्राईम ब्रांच के जवानों के अपनी गिरफ्त में ले लिया और तलाशी लेने पर सभी बदमाशों की कमर में पिस्टल व कट्टे लगे हुए थे, जिन्हे जप्त किया गया।
गिरफ्तार बदमाश
क्राईम ब्रांच की टीम द्वारा पूछताछ करने पर बदमाशों ने अपने नाम भीमा उर्फ जितेन्द्र यादव पुत्र सुरेश यादव निवासी हेबतपुरा जिला भिण्ड, अजय जडेजा उर्फ अजय यादव उर्फ जनक यादव पुत्र निरपत सिंह यादव निवासी महलगांव झांसी, देवेन्द्र उर्फ फौजी यादव पुत्र सुरेश यादव निवासी हेबतपुरा जिला भिण्ड अवनीश पुत्र श्याम यादव निवासी अबाजपुरा जिला मेनपुरी यूपी, संदीप उर्फ उर्फ जीतू जितेन्द्र बघेल पाल पुत्र सुरेश बघेल निवासी निबी मौहल्ला किशनी जिला मेनपुरी, प्रदीप उर्फ कुंदन यादव पुत्र जगदीश सिंह यादव निवासी लेखराजपुर थाना कुर्रा जिला मेनपुरी बताये।
तीन पिस्टल व 20 जिंदा राउण्ड, तीन कट्टे मय 16 जिंदा राउण्ड तथा दो कार बरामद
पकड़े गये बदमाशों में भीमा यादव के कब्जे से 32 बोर की पिस्टल व 8 जिंदा राउण्ड, अजय जडेजा के पास से 32 बोर की पिस्टल व 7 जिंदा राउण्ड, देवेन्द्र उर्फ फौजी के पास से एक पिस्टल 32 बोर की व 5 जिंदा राउण्ड, अवनीश के पास से लोडेड एक 315 बोर का कट्टा व 4 जिंदा राउण्ड, संदीप के पास से लोडेड एक 315 बोर का कट्टा व 5 जिंदा राउण्ड, प्रदीप उर्फ कुंदन यादव के पास से एक 315 बोर का लोडेड कट्टा व 4 जिंदा राउण्ड बरामद किये गये। बदमाशों के कब्जे से 2 कार जिसमें एक सफेद रंग की क्रेटा बिना नम्बर की तथा दूसरी मटमेले रंग की इंडिगो बिना नम्बर की जन्त की गई। कुल 32 बोर की तीन पिस्टल मय मेग्जीन व 20 जिंदा राउण्ड, 315 बोर के तीन कट्टे व 16 जिंदा राउण्ड।
बदमाशों की जानकारी जो कि आपके लिये जानना आवश्यक है
कुख्यात बदमाश अजय जडेजा पर झांसी, मेरठ, आगरा, नोएडा, ऐटा, मेनपुरी, फिरोजाबाद तथा हरियाणा के विभिन्न जिलों में लूट, डकैती व हत्या के 31 प्रकरण पंजीबद्व हैं और 50 हजार का ईनामी है। जानकारी प्राप्त हुई है कि अजय जडेजा की गिरफ्तारी पर गुरूग्राम से भी ईनाम घोषित है। यह सुपारी किलार का काम करता है।

अजय जडेजा की गिरफ्तारी पर डीआईजी झांसी द्वारा पचास हजार रूपये का इनाम घोषित किया गया है।
भीमा यादव व उसके साथियों की गिरफ्तारी पर आईजी ग्वालियर जोन द्वारा 30 हजार रूपये का ईनाम घोषित किया गया है।
पकड़े गये बदमाश दिल्ली व हरियाणा की फर्जी नम्बर प्लेटें लगाकर कार चलाते थे।
जप्त कार में सरदार की पगड़ी व दाड़ी मूंछे भी मिली है जिनका उपयोग यह बदमाश वेश बदलने में करते थे।
लूटी गई दूसरी इंसास रायफल के संबंध में बारीकी से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अभिरक्षा से भीमा को फरार करने व रायफल लूटने की पूरी कहानी अजय जडेजा ने रची थी। भीमा को भगाने में मास्टर माइण्ड अजय जडेजा का दिमाग था।
यह लोग मोबाइल का उपयोग नहीं करते थे। घर बात करने के लिये किसी रिक्शे वाले से मोबाइल लेकर बात कर लेते थे।
भीमा के खिलाफ भिण्ड व ग्वालियर जिले में हत्या, लूट व डकैती के 19 प्रकरण पंजीबद्व हैं।
जीतू पाल के खिलाफ 11 प्रकरण हत्या, हत्या का प्रयास व आर्म्स एक्ट के झांसी, दतिया व ग्वालियर में पंजीबद्व हैं।
अवनीश के खिलाफ 13 प्रकरण हत्या, हत्या का प्रयास व आर्म्स एक्ट के मैनपुरी व ग्वालियर में पंजीबद्व है।
देेवन्द्र यादव के खिलाफ 3 प्रकरण हत्या व आर्म्स एक्ट के ग्वालियर व भिण्ड जिले में पंजीबद्व हैं।
यह सभी बदमाश भिण्ड में किसी गंभीर बारदात को अंजाम देने के लिये जा रहे थे।
यह सभी कुख्यातों को बदमाषों को घेरने के लिये रणनीति बनाने क्राइम ब्रांच के आईएस विनोद छावई, मनोज परमार, संजय जादौन, एएसआई सत्यवीरसिंह हैड कान्स्टेबल राजीव सोलंकी आदि ने कड़ी मेहनत कर इन बदमाशों को दबोचने सफलता मिली।

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