यूएन-चीन ने 10 वर्ष में चौथी मसूद अजहर वैश्विक आतंकी घोषित ने बचाया

न्यूयॉर्क. चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में देर रात जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने से फिर एक बार बचा लिया और 10 वर्ष में यह चौथी बार है जब चीन ने इसके लियेअपने वीटो पॉवर का उपयोग किया है। फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका मसूद अजहर के खिलाफ यह प्रस्ताव 27 फरवरी को लाये थे। न्यूज एजेंसी के सूत्रों ने बताया है कि इस प्रस्ताव को 10 से अधिक देशों ने समर्थन किया, लेकिन यह पास होता इससे ठीक पहले चीन ने तकनीकी आधार पर इसमें अडं़गा लगा दिया।
चीन मसूद को क्यों बचाता है
पाक में 7 लाख करोड़ का निवेश लक्ष्य
पाक में चीन सीपैक में 55 बिलियन डॉलर (3.8 लाख करोड़ रु) का निवेश करेगा। इसके अलावा कई प्रोजेक्ट्स में 46 बिलियन डॉलर (3.2 लाख करोड़ रु) खर्च कर चुका है। पाक में पंजीकृत विदेशी कंपनियों में सबसे ज्यादा 77 चीन की हैं।
भारत को घरेलू मोर्चे पर घेरे रखना
चीन भारत को अपना सबसे बड़ा आर्थिक प्रतिद्वंद्वी मानता है। चीन चाहता है कि भारत द. एशिया के अहम बिंदुओं पर ध्यान न देकर घरेलू समस्याओं में उलझा रहे। वह मसूद के खिलाफ जाता तो भारत मजबूत दिखता।
मुस्लिमों पर कार्रवाई में पाक साथ
चीन में उईगर मुस्लिमों पर कई तरह के प्रतिबंध हैं। वे खुले में नमाज तक नहीं पढ़ पाते। इस्लामिक सहयोग संगठन के देशों में से सिर्फ पाक ही इन प्रतिबंधों को सही मानता है। इसलिए चीन को इस मोर्चे पर भी पाक की जरूरत है।
अमेरिका और दलाई लामा भी कारण
भारत.अमेरिका के अच्छे संबंध चीन के खिलाफ जाते हैं। इसलिए चीन ने मसूद अजहर को हथियार बना लिया है। जैसा भारत अजहर मसूद को समझता है, ठीक वैसे ही चीन दलाई लामा को मानता है।

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