एशियाई खेल जेवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा को मिला गोल्ड पदक

जकार्ता. जेवलिन थ्रोअर (भाला फेंक खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा ने 18वें एशियाई खेलों के 9 वें दिन का पहला स्वर्ण पदक दिलाया है। उन्होंने 88.06मीटर का थ्रो किया, यह उनका पर्सनल बेस्ट और राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। वह एशियाड में जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय हैं, उनसे पूर्व 1951 दिल्ली एशियाड में परसासिंह ने रजत और 1982 में भारत के गुजतेज सिंह ने कांस्य पदक जीता था। नीरज के अलावा सोमवार को भारत के धरुन अय्यासामी ने पुरुषों की 400 मीटर हर्डल्स,  सुधा सिंह ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज और नीना वराकिल ने महिलाओं की लंबी कूद में रजत पदक जीता।
अब ओलिंपिक में राष्ट्रगान बजवाना लक्ष्य
नीरज के स्वर्ण पदक जीतने के कारण इस एशियाड के 9वें दिन भारतीय राष्ट्रगान बजा। नीरज के गोल्ड जीतने के कारण गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भी राष्ट्रगान बजा था। अब उनका अलग लक्ष्य 2020 टोक्यो ओलिंपिक में राष्ट्रगान बजवाना है। नीरज के चाचा भीम चोपड़ा ने यह बात साझा की। भीम चोपड़ा ने कहा, नीरज का अगला लक्ष्य वर्ल्ड चैम्पियनशिप और 2020 टोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाना है। उसकी इच्छा है कि टोक्यो में जब वह पोडियम पर खड़ा हो तो राष्ट्रगान बजे।
परिवार में कोई भी खिलाडी नहीं
नीरज 17लोगों संयुक्त परिवार का हिस्सा हैं, उनके पिता किसान है और वह 8 भाई बहनों में सबसे बड़े हैं उनसे पहले उनके परिवार में कोई भी खिलाड़ी नहीं हुआ है। स्टारडम मिलने का नीरज के प्रदर्शन पर कहीं उल्टा प्रभाव तो नहीं पड़ेगा, के सवाल पर भीम चोपड़ा ने कहा है कि हमारा बच्चा बहुत डाउन टू अर्थ है। इगो उसे छू तक नहीं पाया है वह केवल अपने काम से मतलब रखता हे। वह बहुत संघर्ष कर यहां तक पहुंचा हे। हम मध्यम आय वर्ग से आते हैं, इसलिये ऐसा कभी नहीं हुआ कि उसने जिस चीज की इच्छा की हो वह उसे तुरंत मिल गयी हो इसके अलावा हम लोग भी उसे बीच बीच में प्रोत्साहित करते रहते हैं।

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