हाईकोर्ट ने बरकरार रखी सजा ए मौत, 6 साल की मासूम से किया था दुष्कर्म

ग्वालियर. 6 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म करके उसकी बेरहमी से हत्या करने वाला जितेंद्र कुशवाह अब फांसी के तख्ते से बचने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है। गवाह, सबूत और जिरह के बाद जितेंद्र को जुलाई 2018 में अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सिंह ने सजा ए मौत की सजा सुनाई थी इस फैसले के खिलाफ आरोपी हाईकोर्ट पहुंचा था उसे उम्मीद थी कि हाईकोर्ट से उसे राहत मिल जाएगी लेकिन पूरे मामले का अध्यन करने के बाद अक्टूबर 2018 को मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस संजय यादव एवं विवेक अग्रवाल की पीठ ने अपर सत्र न्यायालय के सजा ए मौत के फैसले को बरकरार रखा।
जितेंद्र का परिवार अब सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंचा
दोषी करार हो चुका जितेंद्र अब छटपटा रहा है अपनी जिंदगी बचाने के लिए जितेंद्र और उसका परिवार अब सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट अब जल्द ही इस मामले की सुनवाई करेगी। आरोपी के पकड़े जाने के बाद पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन तत्परता दिखाते हुए फौरन चालन पेश किया वहीं इस मामले में 36 दिन के अंदर सेशन कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मौत की सजा भी सुना दी गयी है। इस पर हाईकोर्ट ने मौत की सजा बरकरार रखते हुए कहा कि ऐसे लोग समाज के लिए खतरा हैं। यह केस रेयरेस्ट ऑफ रेयर है यह घिनौना अपराध है जितनी सजा दी जाए वो कम हैं।

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