त्रिवेणी में डुबकी लगाकर राष्ट्रकल्याण के पथ पर चले-वेदप्रकाश

ग्वालियर. राजमाता विजयाराजे सिंधिया के विचारों की त्रिवेणी में डुबकी लगाकर हमसब राष्ट्र कल्याण के पथ के पथिक बनें। यही हमारी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी यह बात सोमवार को छत्री परिसर में स्थित राजमाता की पुण्यतिथि पर आयोजित पुष्पांजलि सभा में वरिष्ठ नेता वेदप्रकाश शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि राजमाता के व्यक्तित्व में गंगा की तरह पवित्रता, यमुना की तरह कर्मठता और सरस्वती को तरह कल्याणदायी भाव का समावेश त्था। उनका व्यक्तित्व इन तीनों ही विशेषताओं की त्रिवेणी थी।
महापौर विवेक शेजवलकर ने कहा राजमाता सेवा, समर्पण और त्याग की प्रतिमूर्ति थी। भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री शैलेन्द्र बरूआ ने कहा हम सबकों उनके बताये मार्ग का अनुसरण करना चाहिये। जिला अध्यक्ष देवेश शर्मा ने कहा कि वह सदैव कार्यकर्त्ताओं की चिंता करती थी। महामण्डलेश्वर संतोषानंद ने कहा कि राजमाता ने अपने जीवन को कर्म को आंच पर तपाकर दूसरों के जीवन को निखारने का काम किया। उनका व्यक्तित्व और कृतिव प्रकरणादायी है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते है।
भजनों से दी पुष्पांजलि
कर्यक्रम के आरंभ में राजेन्द्र पारिख ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति में पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने आरंभ में ईश वंदना की प्रस्तुति । इसके बाद यह तो सच है भगवान है, के साथ कई भजन प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में राजमाता की पुत्री यशोधरा राजे सिंधिया की ओर से घोषणा की गयी कि अगले वर्ष राजमाता की जयंती हिन्दू पंचांग के अनुसार करवाचौथ के दिन और पुण्यतिथि का आयोजन मौनी अमावस्या के दिन किया जायेगा। पुष्पांजलि सभा में भाजपा नेताओं के साथ बड़ी संख्या में गणमान्य लोग शामिल हुए।

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