ऐतिहासिक विरासत को समेटे हुए पुस्तक ग्वालियर, सिंधिया और उनके सरदार ओलिगार्क्स – महौपार

ग्वालियर. ऐतिहासिक विरासत को समेटे शहर की झलक पुरानी हैरिटेज बिल्डिंगों में नजर आती है, इसी प्रकार से 800 एकड़ जमीन फैला महाराज बाड़ा हैरिटेज संपदा भरा हुआ है और यहां पर हैरिटेज बिल्डिंगों को सुधारने का काम किया जा रहा है हमारा प्लान है बाड़े पर टाऊनहॉल को वर्ल्ड क्लास थियेटर और नो व्हीकल जोन बनायेंगे। शहर में समस्याओं का समाधान हो, सीवर ट्रीटमेंट किया जाये, जल सप्लाई बेहतर हो हैरिटेज बिल्डिंगों के बचाव के लिये प्रयास करेंगे इन सब कामों को करने आवश्यकता भी है और इसके हकदार भी है यह उद्गार ‘‘ग्वालियरए सिंधिया और उनके सरदार ओलिगार्क्स ’’ पुस्तक के विमोचन में महापौर विवेक शेजवलकर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
क्या है पुस्तक ‘‘ग्वालियर,  सिंधिया और उनके सरदार ओलिगार्क्स ’’ में
ग्वालियर और सिंधिया राजवंश पर पूरी तरह से सचित्र पहली पुस्तक है, जो बहूत समय से प्रतीक्षित थी। पराग बुक्स की उच्च गुणवत्ता, सचित्र नई पुस्तक, ‘‘ग्वालियरए सिंधिया और उनके सरदार ओलिगार्क्स ’’ प्रो। अनंत राव राजवाडे द्वारा लिखित और अशोक अग्रवाल द्वारा क्यूरेट एक भव्य रूप से निर्मित शानदार पुस्तक है। यह पुस्तक मध्य भारत में ग्वालियर राज्य के प्रसिद्ध सिंधिया शासकों और उनके राजवंशों के परिवारों को संजोती है। ग्वालियर की रियासत ब्रिटिश भारत के पांच सबसे बड़े स्वतंत्र राज्यों में से एक थीए जिसे 21 तोपों की सलामी दी गई थी। महाराजा सिंधिया और ग्वालियर की रियासत 18 वीं सदी के मध्य से 20 वीं सदी के मध्य भारत के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली शासकों में से एक थे । भारतीय उपमहाद्वीप की रियासतों के बारे में एक छोटे से परिचयात्मक लेखन के साथ शुरू होने के बाद, यह ग्वालियर राज्य और सम्पूर्ण ग्वालियर शहर, सिंधिया राजवंश और ग्वालियर के 37 सरदार परिवारों का सचित्र परिचय है।
परिवार के सदस्यों के साथ जुड़े दुर्लभ ऐतिहासिक तथ्यों, उपाख्यानों, दंतकथाओं और किंवदंतियों के साथ सिंधियों के शाही घराने के बारे में एक विस्तृत लेखन, ग्वालियर के ऐतिहासिक परिचय के बाद सरदार परिवारों की कथा पाठक को मंत्रमुग्ध कर देगा। । शासक और उसके सरदार के विशेषाधिकारों, सम्मानों, उपाधियों का एक विस्तृत लेख लेखक द्वारा प्रस्तुत है, लेखक स्वयं सरदार राजवाडे परिवार के वंशज है।
पुस्तक के विमोचन समारोह के मंच पर विशेष अतिथि अतिरिक्त एडवोकेट जनरल अंकुर मोदी, मुख्य वक्ता श्रीमति उमादेवी जाधव पुस्तक के लेखक डॉं. अनंतराव राजवाडे मौजूद थे मंच संचालन रमेश श्रीवास्तव ने किया।

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